जांजगीर-चांपा में शासकीय राशन दुकानों में विक्रेताओं और संचालकों का घोटाला, गबन और भ्रष्टाचार..

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के जांजगीर‑चांपा जिले के बम्हनीडीह ब्लॉक स्थित बिर्रा रोड व कोटाडबरी में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों से लगभग 42 लाख रुपए की राशन सामग्री (चावल, नमक, शक्कर, केरोसिन) के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है.. ग्रामीणों की शिकायत पर खाद्य निरीक्षक सुशील विश्वकर्मा की टीम ने निरीक्षण किया, जिसमें भारी अनियमितता और गबन सामने आया.. जिसमें गंगाबाई खांडेकर (स्व सहायता समूह अध्यक्ष), रितेश खांडेकर , रामेश्वर खांडेकर, पहले से गिरफ्तार: सोहन यादव शामिल है.. इन सभी के खिलाफ धारा 420, 409, 34 आईपीसी व आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है..
बिलासपुर में भी गड़बड़ी, विक्रेता संघ का अध्यक्ष निकला घपलेबाज, दुकान निलंबित..
जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालकों पर राशन का गबन और वितरण में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके है, दुकानों पर लाभार्थियों को राशन न देकर बाजार में बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं.. इतना ही नहीं विक्रेता संघ के अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय समेत कई दुकानदारों का तो वीडियो भी वायरल हो चुका है.. ऐसे ही वीडियो पर कार्रवाई करते हुए खाद्य नियंत्रक ने विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके दुकान को निलंबित कर दिया है.. वहीं विभागीय सूत्रों की मानें तो उसके खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी करने की जानकारी भी सामने आ रही है..
लगातार गरीबों के राशन पर डाकेबाजी को लेकर दोनों प्रदेश की जनता में भारी नाराजगी है, लाभार्थियों का कहना है कि जो राशन उनके बच्चों का हक है, वो भ्रष्ट विक्रेता और संचालक अपनी जेब में भर रहे हैं..
“अगर शासकीय राशन जैसी बुनियादी योजना में भी घोटाले हो रहे हैं, तो सरकार की साख पर सवाल उठता है वीडियो वायरल होने और शिकायतों के बावजूद अगर कार्रवाई धीमी है, तो इसका सीधा नुकसान जनता को हो रहा है..”
विभागीय संरक्षण और अधिकारियों से विक्रेताओं के तालमेल के चलते कई मामलों में कार्रवाई नहीं होती है, कई बार क्षेत्रीय निरीक्षक द्वारा भी अदृश्य भागीदारी होती है लेकिन मलाई चाटने के इस खेल में ऊपर से लेकर नीचे तक सहभागिता गरीब के पेट पर लात मारने के इस खेल को बड़ा बनाती है..



