नगदी लेने वाले निरीक्षक को अभयदान कैसे?.. शिकायतों का खुला पिटारा, एक फिर सामने आई पुरानी शिकायत, इतनी शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, कैसे होगा सुशासन का सपना साकार..

बिलासपुर– छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले में 5 लाख से अधिक हितग्राहियों को राशन वितरण की व्यवस्था की जाती है.. जिले में पीडीएस चावल का किस तरह से बंदरबांट किया जा रहा है ये किसी से छिपा नहीं है बार बार दुकानदार समेत व्यापारियों के मामले सामने आते रहते है लेकिन विभागीय निरीक्षक के कारनामे तो खत्म होने का नाम नहीं ले रहे है, नगदी रिश्वत लेने के बावजूद भी दो दो परिक्षेत्र की जिम्मेदारी लेकर छाती चौड़ी करने वाले खाद्य निरीक्षक की एक और पुरानी शिकायत सामने आई है लेकिन यह कह पाना मुश्किल है कि, ऑनलाइन रिश्वत लेने के सारे साक्ष्य होने के बावजूद भी कार्रवाई नहीं होने वाले खाद्य निरीक्षक का बाल भी बांका हो पाएगा..

दरअसल जिले के मस्तूरी और उत्तर बिल्हा का चार्ज संभालने वाले खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार के पुराने पदस्थापना के दौरान शिकायतों का पहाड़ एकत्रित हो गया था लेकिन मजाल है किसी की, कि, विधायक से लेकर कलेक्टर, मुख्यमंत्री, खाद्य निरीक्षक और एसीबी में शिकायत और उसमें नगदी लेने के साक्ष्य के प्रस्तुत करने के बावजूद भी कार्रवाई हो और शिकायकर्ता दुकानदार को न्याय मिले..

खाद्य निरीक्षक के खिलाफ पुरानी शिकायते.. (हर लिंक में शिकायतों की खबर..
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खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार के एक और पुरानी शिकायत सामने आई है जिसमें दुकान संचालक समिति ने अटैच हुए दुकान को न चलाने समेत खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार और उसके द्वारा दूसरी जगह से उठाकर लाएं विक्रेता कैलाश वस्त्रकार के खिलाफ शिकायत की है जिसमें उन्होंने खाद्य निरीक्षक और विक्रेता की मिलीभगत कर दुकान आबंटित करने का गंभीर आरोप लगाया है.. लगभग दो माह पूर्व बिलासपुर कलेक्टर से की गई शिकायत पत्र में उल्लेख है कि, दुकान ग्राम पंचायत में संचालित की जानी थी, लेकिन इसके संचालन हेतु चयनित स्व समूह को बिना सूचना दिए किसी अन्य समूह द्वारा संचालन किया जा रहा है.. इसलिए समूह ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि इस दुकान का गलत आवंटन रद्द किया जाए और जांच की जाए..



