बिलासपुर

स्वामी आत्मानंद स्कूल को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय ने सरकार पर साधा निशाना.. 8 शिक्षकों का भार सरकार नहीं उठा पायी तो 200 बच्चों का भविष्य अंधकार में कर दिया— शैलेष पांडेय..

स्वामी आत्मानंद के मासूम बच्चों के भविष्य कलेक्टर और डीईओ भी नहीं बचा पाए- शैलेष.. बीजेपी सरकार स्वामी आत्मानंद योजना की लोकप्रियता से खुश नहीं है- शैलेष..

बिलासपुर– कांग्रेस शासन की सबसे लोकप्रिय योजना जिसने हज़ारों ग़रीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के भविष्य बनाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया और स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल पूरे प्रदेश में खोले जिसमे हज़ारों वो बच्चे जिनके माता पिता प्राइवेट स्कूल की फीस देने में समर्थ नहीं थे उनके लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ और वो बच्चे जिन्हें निशुल्क गुणवत्ता युक्त शिक्षा सरकार दे रही थी लेकिन स्वामी आत्मानंद योजना बीजेपी सरकार कि किरकिरी बनी हुई थी और आख़िर सरकार ने नर्सरी के बच्चों को उसका दंड दे दिया और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर दिया,ये एक षड्यंत्र है क्योंकि इस सरकार की कभी भी मंशा नहीं रही कि ये स्वामी आत्मानंद योजना चलाए..

बिलासपुर में नर्सरी में मात्र दो सौ बच्चे पढ़ते है और केवल आठ शिक्षक उनको पढ़ाते है क्या सरकार उनके वेतन की व्यवस्था कहीं से भी नहीं कर सकती थी क्या DMF फण्ड ही सहारा था अगर डीएमएफ के नियम बदल गए है तो संविदा फण्ड जो हर वर्ष लैप्स हो जाता है उसी से इन शिक्षकों को सैलरी दे सकते थे लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता है और बिलासपुर के सम्मानीय कलेक्टर भी रुचि नहीं लिए कि इन बच्चों की पढ़ाई बंद न हो और वो भी सरकार सोंच से काम कर रहे है..

बिलासपुर कलेक्टर को सरकार से बात करनी चाहिए और एक अलग मद से इनका भुगतान करके इन बच्चों के भविष्य को बचाना चाहिए नहीं तो ऐसे में उनकी प्रारंभिक पढ़ाई का क्या होगा और फिर बीजेपी सरकार पहले की तरह स्कूल बंद करो यही ढर्रा अपनाती रही है, बिलासपुर से शुरू हुई स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना को आज बीजेपी सरकार ने बलि चढ़ाने की शुरुआत कर दिया है, सरकार से अनुरोध है कि वो इन बंद स्कूलों को पुनः चालू करे और मासूम बच्चों के भविष्य को ख़राब न करें..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!