जिले में 15 अक्टूबर तक होगा फसल सर्वे का भौतिक सत्यापन, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
आदेश के मुताबिक भूईयां गिरदावरी और DCS में दर्ज फसल के विवरण में अंतर पाए जाने पर उसका भी भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा..

बिलासपुर– कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) ने आदेश जारी कर जिले की सभी तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के रैंडम सत्यापन के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी है। शासन के निर्देशानुसार यह कार्य मोबाइल एप PV App के माध्यम से किया जाएगा..
आदेश के मुताबिक भूईयां गिरदावरी और DCS में दर्ज फसल के विवरण में अंतर पाए जाने पर उसका भी भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा। साथ ही वनग्राम और राजस्व ग्रामों में वन अधिकार पट्टों के खसरा नंबर व कम्पार्टमेंट नंबर में दर्ज फसलों का तीन स्तरों पर रैंडम सत्यापन किया जाएगा, इस पूरे कार्य का प्रथम चरण 15 अक्टूबर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है..
तहसीलवार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय..
आदेश में कोटा, तखतपुर, पचपेड़ी, बेलगहना, बेलतरा, बिल्हा, बिलासपुर, बोदरी, मस्तूरी, रतनपुर, सकरी और सीपत तहसील के अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
कोटा तहसील में तहसीलदार अभिषेक राठौर, नायब तहसीलदार अप्रितम पांडे, डिप्टी कलेक्टर नितिन तिवारी समेत कई अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
तखतपुर तहसील में तहसीलदार पंकज सिंह, नायब तहसीलदार रोशनी कंवर और अन्य अधिकारियों को ड्यूटी सौंपी गई है..
सीपत तहसील में उप अभियंता, पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को भी शामिल किया गया है,
तीन स्तर पर होगी जांच..
अधिकारी/कर्मचारियों को NDL ID जारी कर चिन्हांकित खसरों का सत्यापन करना होगा।
गलत पाई गई प्रविष्टियों को सुधारना अनिवार्य होगा।
सत्यापन कार्य की 5% प्रविष्टियों की जांच जिला कलेक्टर और उनके द्वारा नामित उपखंड अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
इसके अलावा 2% प्रविष्टियों की जांच राज्य स्तरीय अधिकारी करेंगे।
वन अधिकार पट्टा रकबा के सत्यापन में पट्टे की फोटो अपलोड करना भी अनिवार्य होगा।
नोडल अधिकारी होंगे एसडीओ
इस पूरे कार्य के लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी बनाया गया है, वे अपने प्रभार क्षेत्र में निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन कार्य पूर्ण कराएंगे और प्रगति की जानकारी जिला प्रशासन को देंगे..
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी..



