शासन तक पहुँची राशन दुकानदारों की आवाज़, तीन महत्वपूर्ण मांगों को लेकर संघ ने जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में दिया ज्ञापन..

बिलासपुर– शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर अपनी लंबित समस्याओं और मांगों को शासन के समक्ष मजबूती से रखा है, संघ के प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव एवं जिला अध्यक्ष रवि परयानी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में दुकानदारों ने एक स्वर में अपनी समस्याएं उप मुख्यमंत्री अरुण साव के जरिए सरकार तक पहुँचाई और त्वरित समाधान की मांग की..
ये हैं प्रमुख मांगें
संघ ने तीन अहम मुद्दों को उठाया है, जो सीधे तौर पर प्रदेशभर के हजारों राशन दुकानदारों की आजीविका से जुड़े हैं –
कमीशन वृद्धि की मांग
वर्तमान में NFSA एवं CgFSA योजना के अंतर्गत चावल वितरण पर मिलने वाला कमीशन बेहद कम है। दुकानदारों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में पुराने दरों पर काम करना मुश्किल हो गया है, इसलिए संघ ने बैग पर ₹250 प्रति क्विंटल कमीशन बढ़ाने की मांग रखी है।
ऑनलाइन वितरण की राशि..
केंद्र सरकार की ओर से राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है, इसके तहत दुकानदारों को प्रति क्विंटल ₹21 अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान है, लेकिन जुलाई 2022 से अब तक यह भुगतान नहीं किया गया है, दुकानदारों ने इसे तत्काल जारी करने की मांग की है।
ढुलाई क्षतिपूर्ति
दुकानदारों ने बताया कि वेयरहाउस से दुकान तक राशन ढुलाई का पूरा खर्च दुकानदारों को उठाना पड़ता है। इसमें कई बार आर्थिक नुकसान भी होता है। इसलिए संघ ने 1% क्षतिपूर्ति राशन देने की मांग की है, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके..
दुकानदारों का आभार और उम्मीद
संघ के पदाधिकारियों और दुकानदारों ने श्री रवि परयानी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता और सतत प्रयासों की वजह से ये मांगें सरकार तक बार-बार मजबूती से पहुँचाई जा रही हैं। दुकानदारों ने आशा व्यक्त की कि सरकार इस बार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा..
क्यों जरूरी हैं ये मांगें?
दुकानदारों का कहना है कि, वे ग्रामीण और शहरी गरीबों तक राशन पहुँचाने की सरकार की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन उनके सामने आर्थिक चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं, अगर कमीशन और अन्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ तो दुकानदारों के लिए इस व्यवस्था को सुचारू रखना मुश्किल होगा..



