स्वतंत्र अवाज विशेष

प्रदेश में माननीय उच्च न्यायालय संज्ञान लेता है तो शासन और प्रशासन जागता है.. राज्यपाल मीटिंग लेते है तो सरकार गंभीर हो पाती है.. मीडिया इन्वेस्टीगेशन करता है तब सरकार की ऑंख खुलती है- शैलेश पाण्डेय..

बिलासपुर– प्रदेश में जिस कदर अपराधों का आँकड़ा बढ़ रहा है चाहे वो राजधानी हो,न्यायधानी हो या फिर बस्तर या सरगुजा हो सभी क्षेत्रों में अपराध बढ़ते जा रहे है,बीजेपी के विधायक भी बढ़ते अपराध से डरे हुए है और मुख्यमंत्री जी से सुरक्षा बढ़ाने को पत्र लिख रहे है,अपराधों ने सारी सीमाएँ लांघ ली है इससे पता चलता है कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था अब चरमरागई है और सरकार का नियंत्रण नहीं रह गया है और जनता अब अपने आप को असुरक्षित और ठगा महसूस कर रही है वारदातों का सिलसिला प्रदेश में रुकने का नाम नहीं ले रहा है ख़ुद ग्रह मंत्री के जिले में बड़ी घटना हो चुकी है कि कलेक्टर और एसपी को हटाना पड़ रहा है इससे साबित हो चुका है कि सरकार निरंकुश है और केवल नौ महीने में सरकार ने अपराधों में एक बड़ा स्कोर बना लिया है और इससे भी बुरा की सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है और डरी हुई है और त्राहिमाम कर रही है। सरकार केवल जश्न में डूबी हुई है और सभी नेता बस उत्सवों में डूबे हुए है..
प्रदेश में अपराधों का आँकड़ा सभी ज़िलों में बढ़ रहा है, हत्या, लूट, बलात्कार, चाकूबाजी और अन्य घटनाओं से प्रदेश में डर का माहौल है और रोज प्रदेश के सभी जिले अपराधों से काँप रहे है।आम आदमी स्वतंत्र रूप से कहीं जा नहीं पा रहा है और कोलकाता जैसी घटनाएँ बढ़ती जा रही है बलात्कार में मासूम से मासूम बेटियाँ भी सुरक्षित नहीं रह गई है, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ बस एक नारा ही रह गया है, प्रदेश में बलौदा बाजार और कवर्धा की घटना ने क़ानून व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है जहां पुलिस दमन नीति से निपटना चाह रही है पुलिस का बर्बर व्यवहार ये बता रहा है कि अब स्तिथियाँ नियंत्रण में नहीं है और सरकार की पनाह में मौत हो जाना एक बड़ा प्रश्न खड़ा करता है!!साय सरकार में इतनी जल्दी एसी स्तिथि आ जाएगी ये सोंचा नहीं था लेकिन सच यही है कि अब सरकार अपनी पकड़ खो चुकी है..

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