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हत्या के फरार दो आरोपियों की गिरफ्तारी में लैलूंगा पुलिस को मिली सफलता.. आरोपियों के साथ हत्या में शामिल रही महिला आरोपी पहले ही हो चुकी है गिरफ्तार..
रायगढ़- एसएसपी सदानंद कुमार के निर्देशन पर फरार आरोपियों की धरपकड़ के क्रम में आज लैलूंगा पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए हत्या के मामले में फरार दो आरोपियो को गिरफ्तार किया है, दोनों आरोपियों की पिछले करीब 15 दिनों से पुलिस तलाश में लगी हुई थी, जिसमें आज आरोपियों के गांव आने की सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमार कार्रवाई कर आरोपियों को पकड़ा गया है.. जानकारी के मुताबिक 25 नंवबर को थाना लैलूंगा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिहारधार में रहने वाले दिनेश गोंड पिता स्व. जलसाय सिदार उम्र 30 वर्ष को उसके परिजन ईलाज के लिये सीएचसी लैलूंगा में लाया गया था, जहां उसे डॉक्टर द्वारा चेक कर मृत बताया गया.. संदेहास्पद मर्ग की जांच दौरान मृतक दिनेश गोंड के परिजनो ने बताया कि, मृतक दिनेश और उसकी पत्नी लक्ष्मी सिदार की शादी के बाद झगड़ा विवाद होता था, 21 नंवबर को दोनों पति पत्नी के बीच झगड़ा विवाद हुआ तो लक्ष्मी अपने बड़े भाई रहिदास सिदार को कॉल कर ससुराल लेने बुलायी, 22 नवंबर के दोपहर रहिदास सिदार मोटरसाइकिल में अपने दोस्त कृष्णा मांझी के साथ ग्राम सिहारधार आया जिनके साथ मोटर सायकल में मायके जाने लक्ष्मी अपने छोटे बच्चे को लेकर तैयार हो गई तो दिनेश बच्चे को छोड़कर जाओ कहकर मना करने लगा और बच्चे की छीनने लगा, दोनों पति पत्नी के बीच झगड़ा विवाद में रविदास सिदार और उसका दोस्त कृष्णा मांझी द्वारा लक्ष्मी का साथ देने लगे जिनसे दिनेश गोंड झूमाझटकी, करने लगा, इसी बीच रहिदास सिदार सड़क पर पड़े बांस के डंडा से दिनेश के सिर और अन्य जगहों पर मारकर चोट पहुंचाया, दिनेश वहीं बेहोश हो गया था.. दिनेश को उसके परिवार वाले लैलूंगा अस्पताल लेकर गए जहां से उसे रायगढ़ रेफर किया गया.. रायगढ़ अस्पताल से आहत को और बेहतर इलाज के लिए डीकेएस अस्पताल रायपुर ले जाने की सलाह दिए परिवारजन आहत को लैलूंगा लेकर आ रहे थे, इसी बीच रास्ते में दिनेश बेहोश हो गया जिसे CHC लैलूंगा लेकर गए जहां उसे डॉक्टर ने मृत बताया.. घटना को लेकर थाना लैलूंगा में आरोपिया लक्ष्मी सिदार व अन्य के विरूद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया गया, दूसरे दिन दिनांक 26.11.2023 को जांच विवेचना दरम्यान आरोपिया लक्ष्मी सिदार (22 वर्ष) को हत्या के अपराध में गिरफ्तार कर रिमांड बाद जेल दाखिल किया गया है घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार थे, जिनकी लैलूंगा पुलिस सरगर्मी से पतासाजी कर रही थी..
फरार दोनों आरोपी रहिदास सिदार और उसके साथी कृष्णा मांझी घटना के बाद से फरार होकर ओड़िसा में लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे, थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक मोहन भारद्वाज अपने मुखबिर से संपर्क में रहकर आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाया जा रहा था जिसमें आज सुबह आरोपियों के गांव राजाआमा में आने की सूचना मिली, तत्काल थाना प्रभारी लैलूंगा अपने स्टाफ के साथ ग्राम राजाआमा, जशपुर रवाना हुए और आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर दोनों को हिरासत भी लेकर थाना लाया गया.. आरोपियों ने घटना स्वीकार कर बताया कि, घटना दिनांक को रहिदास की बहन लक्ष्मी सिदार को मोटर सायकल में साथ लेने आये थे पर लक्ष्मी का पति दिनेश (मृतक) साथ ले जाने से मना किया और लक्ष्मी के साथ दोनों से झूमाझटकी, झगड़ा विवाद करने लगा.. इसी बीच रहिदास पास पड़े बांस के डंडा से दिनेश गोंड को मारपीट किया, आरोपी रहिदास सिदार, कृष्णा कुमार मांझी के पास से काला रंग का मोटरसाइकिल एचएफ डीलक्स गवाहों के समक्ष जप्त कर दोनों आरोपियों को हत्या के अपराध में गिरफ्तार का न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.. एसडीओपी धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन पर फरार आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी में थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक मोहन भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक चंदन सिंह नेताम, प्रधान आरक्षक भेनानासियुस खेस, आरक्षक हेलारियुस तिर्की, राजू तिग्गा की अहम भूमिका रही है..



