ममतामयी मिनीमाता के 53वें स्मृति दिवस पर बिलासपुर में भावभीनी श्रद्धांजलि.. महंत बाड़ा महिला समिति ने योगदान को किया याद..

बिलासपुर– महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा की प्रतीक ममतामयी मिनीमाता जी के 53वें स्मृति दिवस पर सोमवार को मिनीमाता चौक में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, महिला समिति की ओर से उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई..

इस अवसर पर महंत बाड़ा महिला समिति की अध्यक्ष कुसुम भारद्वाज, मिनी माता महिला समिति की अध्यक्ष सीमा घृतेश, सुभद्रा भारद्वाज, जमुना वती बंजारा, मौसमी लहरें, गौरी कृष्णन, मीना दिवाकर, रजनी टंडन, शशि गेंदले, प्रगति बंजारे, शशिकला, जावेद मेमन, और संतोषी रामा बघेल सहित अनेक गणमान्य महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे..
बिलासपुर महिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण की अध्यक्ष सीमा घृतेश ने मिनीमाता के जीवन, संघर्ष और समाज में किए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा वंचितों, महिलाओं और गरीबों के हक की आवाज बुलंद की.. उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है..
मिनीमाता का जीवन परिचय..
मिनीमाता अगमदास गुरु, जन्म 1916 में बलौदाबाजार के पास हुई थीं, वह देश की पहली महिला सांसदों में से एक थीं और अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिलाओं के अधिकारों के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया, वे सतनाम पंथ की अनुयायी थीं और दलित समाज में शिक्षा व जागरूकता फैलाने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किया.. 1962 से 1971 तक वे संसद में बिलासपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती रहीं, 11 अगस्त 1973 को विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी विचारधारा और सेवा आज भी समाज में जीवित है..



