बिलासपुर

बिलासपुर नगर निगम में लापरवाह पार्षद पर जनता का गुस्सा, पानी के लिए हलाकान महिलाएं..

  1. बिलासपुर– नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 21 गुरु घासीदास नगर की जनता इन दिनों पेयजल संकट से जूझ रही है.. वार्ड के अंतर्गत आने वाली मेहर गली का बोर पिछले तीन दिनों से खराब पड़ा है, बरसात के मौसम में पानी की किल्लत से महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी परेशान हैं, पानी की एक-एक बूंद के लिए लोग भटक रहे हैं,

चुनाव बाद गायब पार्षद..

वार्डवासियों का कहना है कि चुनाव के वक्त पार्षद बड़े-बड़े वादे करती थीं, लेकिन अब जब जनता परेशानी में है तो वह घर से बाहर भी नहीं निकल रही हैं.. महिलाओं का कहना है कि तीन दिनों से हम सुबह-शाम खाली बर्तन लेकर खड़े हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है, पार्षद मैडम जनता से दूर होकर केवल कुर्सी तक सीमित हो गई हैं..

पूर्व पार्षद सीमा घृतेश ने दिखाई सक्रियता..

इस समस्या की जानकारी जब वार्ड की पूर्व पार्षद सीमा घृतेश को हुई, तो उन्होंने तत्काल नगर निगम के जल विभाग में फोन लगाकर समस्या की जानकारी दी, जल विभाग की ओर से उन्हें चौंकाने वाला जवाब मिला.. अधिकारियों का कहना था कि – अगर वर्तमान पार्षद ने तीन दिन पहले ही सूचना दी होती, तो बोर की मरम्मत कर दी जाती.. लेकिन अब तक उनकी ओर से एक भी शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है..

नगर निगम की लापरवाही भी उजागर..

पड़ोसियों का कहना है कि वार्ड पार्षद की उदासीनता के साथ-साथ नगर निगम की लापरवाही भी इस संकट के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि निगम के जल विभाग के पास नियमित निरीक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन यहां सब कुछ सूचना पर आधारित है। लोगों ने आरोप लगाया कि जब तक शिकायत न हो, तब तक विभाग आंखें मूंदे बैठा रहता है..

महिलाओं का गुस्सा..

पानी की समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं हैं, उन्हें घर चलाने और बच्चों की जरूरतों के लिए हर दिन पानी की आवश्यकता होती है। महिलाओं ने नाराज़गी जताते हुए कहा – हमें पानी के लिए दूसरे मोहल्ले तक जाना पड़ता है.. चुनाव के वक्त नेता घर-घर आते हैं, लेकिन अब हमारी सुनने वाला कोई नहीं है..

जनता की मांग..

वार्डवासियों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे.. साथ ही आने वाले समय में वे पार्षद को राजनीतिक सबक सिखाने की चेतावनी भी दे रहे हैं..

बिलासपुर नगर निगम का यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि – जनता का प्रतिनिधि बनने के बाद क्या पार्षद जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने लगते हैं? वार्ड क्रमांक 21 में पेयजल संकट ने यह साफ कर दिया है कि लापरवाही और निष्क्रियता का खामियाजा जनता को ही भुगतना पड़ता है..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!