शासकीय उचित मूल्य दुकान में पहुंचने से पहले ही पीडीएस चावल की डाकेबाज़ी.. शिकायत के बाद लिंगियाडीह वेयरहाउस में मचा हड़कंप, लाखों के चावल की घपलेबाज़ी का आरोप..

बिलासपुर– प्रदेश की गरीब जनता के लिए चलाई जा रही शासकीय पीडीएस योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है.. न्यायधानी बिलासपुर के लिंगियाडीह स्थित वेयरहाउस में शासकीय उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचने से पहले ही पीडीएस चावल में डाकेबाज़ी का मामला सामने आया है, बताया जा रहा है कि धर्मकांटा में वजन के दौरान सेंटिंग कर चावल की हेराफेरी की जा रही थी..

शिकायत मिलते ही वेयरहाउस में हड़कंप मच गया और जांच से पहले ही धर्मकांटे को सुधारने की कवायद शुरू कर दी गई, बताया जाता है कि इस शिकायत की भनक लगते ही अधिकारी और कर्मचारी दिनभर कांटा सुधारने में जुटे रहे..
शिकायत कलेक्टर को सौंपा गया..
शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक एवं विक्रेता कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष रवि परियानी ने बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल और नापतौल अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा है, इसमें कहा गया है कि, लिंगियाडीह वेयरहाउस के धर्मकांटे में सेटिंग कर हर लॉट में करीब 2 क्विंटल तक चावल की हेराफेरी की जा रही है..

दो डिजिटल तराजू से खेला जा रहा खेल..
रवि परियानी के मुताबिक, वेयरहाउस में लगे दो डिजिटल तराजुओं में वजन अलग-अलग आता है। बोरे में भरे चावल का वजन सेंटिंग की वजह से अधिक दिखाया जाता है और इस सेटिंग का फायदा उठाकर दुकानों तक कम स्टॉक भेजा जाता है, यही वजह है कि जांच के दौरान दुकानों के स्टॉक में लगातार कमी पाई जाती है..

जिम्मेदारों का फोन बंद..
जब मामले में जानकारी लेने के लिए वेयरहाउस मैनेजर और बिलासपुर नोडल अधिकारी अरुण सिंघल को फोन लगाया गया तो उनका मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र से बाहर मिला, अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है..

हालांकि शिकायत के बाद जिस तरह वेयरहाउस में हड़कंप मचा और धर्मकांटे को सुधारने की जल्दबाज़ी दिखी, उससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि “दाल में जरूर कुछ काला है।”




