केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में दो छात्रों की भूख हड़ताल जारी.. NSUI ने कुलपति पर लगाया हिटलरशाही का आरोप..
केंद्रीय विश्वविद्यालय के समक्ष दो छात्र सुदीप शास्त्री और सार्थक मिश्रा पिछले दो दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं..

बिलासपुर– छत्तीसगढ़ के एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय के समक्ष दो छात्र सुदीप शास्त्री और सार्थक मिश्रा पिछले दो दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, दोनों छात्र NSUI संगठन से जुड़े हैं और लगातार छात्रों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाते रहे हैं..

NSUI नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन, विशेषकर कुलपति आलोक चक्रवाल, संगठन के छात्रों के साथ भेदभावपूर्ण और तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों छात्रों को नोटिस के माध्यम से TC और CC डाक से उनके घर भेज दिया गया, जबकि छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस निर्णय के खिलाफ आवेदन दिया था, परंतु कोई जवाब नहीं मिला..

13 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू करने के बाद भी, न तो शासन-प्रशासन का कोई अधिकारी और न ही विश्वविद्यालय का कोई प्रतिनिधि छात्रों से मिलने पहुंचा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि 24 घंटे बीतने के बाद भी किसी अधिकारी ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण तक नहीं करवाया, और 48 घंटे बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया..

प्रदेश उपाध्यक्ष NSUI लक्की सुशांक मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति “भ्रमित करने वाली” है, उन्होंने सवाल उठाया कि अगर छात्रों ने 9 सितंबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई अनुशासनहीनता की थी, तो 10 सितंबर को ही कार्रवाई होनी चाहिए थी, न कि एक माह बाद 13 अक्टूबर को..
लक्की मिश्रा ने चेतावनी दी कि “अगर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साहू और कुलपति आलोक चक्रवाल की होगी। अगर छात्रों को पुनः प्रवेश नहीं दिया गया तो ऐसा आंदोलन होगा जिसकी कल्पना विश्वविद्यालय प्रबंधन भी नहीं कर सकता..”
इस आंदोलन को अब सैकड़ों छात्रों का समर्थन मिल रहा है और परिसर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।



