बिलासपुर

कॉलेज में नकल प्रकरण को बढ़ावा का आरोप, शिक्षकों की आंखों के सामने खेला गया खेल, प्रबंधन की दिखी चुप्पी.. स्वछता व्यवस्था की हालत गंभीर, दिखी स्वछता पर नाकामयाबी.. छात्र बोले — अब अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन होगा उग्र..

बिलासपुर– उच्च शिक्षा के लिए संभाग का सबसे बड़ा शैक्षणिक संस्थान सी.एम. दुबे स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिलासपुर में छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है, आज़ाद पैनल छात्रसंघ के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज प्रांगण में धरना प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का पुतला दहन किया और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की..

छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश के समय आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से छात्रों को झूठे वादों और प्रलोभनों के आधार पर एडमिशन दिलाया, लेकिन प्रवेश के बाद न तो सुविधाएँ दीं, न ही शैक्षणिक माहौल में सुधार किया गया..

स्वच्छता की हालत बद से बदतर

आज़ाद पैनल ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर में स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब है। महाविद्यालय भवन के अंदर ही केवल कुछ डस्टबिन लगाए गए हैं, जबकि कॉलेज प्रांगण, गलियारों और अन्य आधिकारिक क्षेत्रों में कचरे के ढेर लगे रहते हैं।

“जब कॉलेज की NSS (राष्ट्रीय सेवा योजना) टीम का मूल उद्देश्य ही स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी है, तब ऐसे हालात शर्मनाक हैं। NSS के सदस्य स्वच्छता जागरूकता की जगह फोटोशूट तक सीमित हैं।”

नकल प्रकरण में नियमों की खुली धज्जियाँ

छात्रों का आरोप है कि, हाल ही में हुई परीक्षा में B.Com अंतिम वर्ष के कुछ छात्रों द्वारा मोबाइल फ़ोन का उपयोग कर अपने परिचितों को उत्तर साझा किए गए। यह परीक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है, क्योंकि परीक्षा कक्ष में मोबाइल फ़ोन ले जाना पूर्णतः वर्जित है, इसके बावजूद कुछ शिक्षकों ने इस गंभीर उल्लंघन को नज़रअंदाज़ कर दिया, जिससे नकल प्रकरण को बढ़ावा मिला..

छात्रसंघ की चेतावनी: अब आर-पार की लड़ाई..

धरने में उपस्थित आज़ाद पैनल के प्रमुख छात्र नेता — हरीश कलशा,नमन रात्रे,चंद्र प्रकाश चंद्रा,यमन ठाकुर, हिमांशु राठौर,संजू चतुर्वेदी, कृष साहू, संदीप, शौर्य आचार्य,विनय जायसवाल,विमल, साहिल, अंश, शिवम, नयन,उदय, राज, राहुल, कुणाल रवि, देवेंद्र यादव, सोमिल,समीर,आयुष,उमेश आदि ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी कि “यदि 7 दिनों के भीतर छात्रों से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को राज्य स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। हम शांत हैं, पर कमजोर नहीं।”

आज़ाद पैनल की प्रमुख मांगे

कॉलेज प्रांगण एवं सभी विभागों में स्वच्छता सुनिश्चित कर पर्याप्त डस्टबिन लगाए जाएँ..

नकल प्रकरण में दोषी छात्रों व शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई हो..

छात्रों से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारियों से सार्वजनिक क्षमायाचना करवाई जाए..

प्रवेश विज्ञापनों में किए गए झूठे वादों की जांच की जाए और पारदर्शी छात्र समिति गठित की जाए..

आजाद पैनल ने कहा कि, यह आंदोलन केवल कॉलेज के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा की सच्चाई और छात्र सम्मान की लड़ाई है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक धरना, प्रदर्शन और विरोध जारी रहेगा..

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