खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार पर गंभीर आरोप.. अटैच दुकान को लेकर विवाद.. समिति ने वस्त्रकारों पर लगाया मिलीभगत का आरोप..
मामला खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार से जुड़ा है, जिन पर तखतपुर में खाद्य निरीक्षक के पद पर पदस्थ रहते हुए पद के दुरुपयोग और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए गए हैं..

बिलासपुर– छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिले में 5 लाख से अधिक हितग्राहियों को राशन वितरण की व्यवस्था की जाती है, लेकिन लगातार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं..

मामला खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार से जुड़ा है, जिन पर तखतपुर में खाद्य निरीक्षक के पद पर पदस्थ रहते हुए पद के दुरुपयोग और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.. अगस्त माह में की गई शिकायत सामने आई है, जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरीकला की दुकान क्रमांक 402004121 को लेकर माँ काली महिला स्व सहायता समूह (पथर्रा) ने अगस्त माह में बिलासपुर कलेक्टर को शिकायत सौंपी है..

शिकायत में कहा गया है कि, “ग्राम पंचायत देवरीकला दुकान क्र. 402004121 तखतपुर में संचालित दुकान को निलंबित किया गया है, जिसे दुकान संचालन हेतु माँ काली स्व सहायता समूह परसदा (पथर्रा) दुकान क्र 402004096 परसदा को संचालित करने के लिये दिनांक 18.07.2025 को एस.डी.एम. तखतपुर के द्वारा पत्रक्र 1386 के आदेश पर विक्रेता कैलाश वस्त्रकार एवं फुड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार के द्वारा मिलिभगत कर दुकान आबंटन किया गया है.. हम महिला स्व सहायता समूह बिना जानकारी के हमारे समूह में संलग्न किया गया है.. हम स्व सहायता समूह परसदा (पथर्रा) दुकान क्र. 402004121 देवरीकला दुकान में संलग्न आबंटित दुकान को निरस्त करने की अनुशंसा करने की कृपा करें.. अतः महोदय से निवेदन है कि हम स्व सहायता समूह परसदा (पथर्रा) दुकान क्र. 402004121 देवरीकला दुकान में संलग्न आबंटित दुकान को निरस्त करने की अनुशंसा करने की कृपा करें”..

खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार पर इससे पहले भी रिश्वत और अनियमितता के कई आरोप लग चुके हैं, इतना ही नहीं तखतपुर राशन विक्रेता कल्याण संघ द्वारा 40 से अधिक दुकानदारों द्वारा संयुक्त शिकायत की गई थी, जिसे लेकर आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, मस्तूरी और उत्तर बिल्हा क्षेत्र का चार्ज संभालने वाले वस्त्रकार के खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है.. दर्जनों शिकायतों के बाद भी तत्कालीन खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया ने उन्हें मस्तूरी के साथ उत्तर बिल्हा का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया था..



