जनहित की खबर पर रसूखदार ठेकेदार की छटपटाहट.. ख़बर लगते ही भनभनाया, आवाज को दबाने शिकायत का सहारा.. 1 करोड़ 49 लाख की नाली क्या चढ़ जाएगी भ्रष्टाचार की भेंट..

बिलासपुर– जिले में जनहित से जुड़ी खबर ने ठेकेदार को इतना विचलित कर दिया कि, काम की गुणवत्ता बढ़ाकर सही करने के बजाए वह कार्रवाई की तलवार को लटकता हुआ देखकर खबरनवीश को डराने थाने पहुंच गया और शिकायत कर डाली.. हालांकि थाने से उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.. दरअसल बिलासपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले जोन क्रमांक 2 तिफरा जोन के सिरगिट्टी क्षेत्र में बन्नाक चौक से लेकर गोविंद नगर गेट तक नाली निर्माण का कार्य किया जा रहा है और इसकी गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर बिलासपुर के सबसे भरोसेमंद वेब न्यूज चैनल द्वारा खबर का प्रकाशन किया गया था,
स्वतंत्र आवाज़ की खबर को लेकर साइट इंजिनियर धनेश्वरी गुलेरी ने ठेकेदार के खिलाफ नोटिस जारी करने की बात कही थी, जिसकी जानकारी रसूखदार ठेकेदार प्रशांत मिश्रा को पता चली और उसने खुद पर कार्रवाई की लटकती तलवार को देखकर भनभनाहट में ख़बरनविश को दबाने के इरादे से थाने में शिकायत करवा दी, लेकिन अपने काम को सही कर गुणवत्ता को बढ़ाकर नियमों के हिसाब से काम करने की कोशिश नहीं की.. दूसरी ओर रसूखदार ठेकेदार प्रशांत मिश्रा के लिखाफ लगातार खबर पर अधिकारियों ने संज्ञान लेना शुरू कर दिया है..

विभागीय सूत्रों की माने तो रसूख के दम पर ठेके लेने वाला रसूखदार ठेकेदार प्रशांत मिश्रा ने नाली निर्माण में घोर लापरवाही बरती है, साइट इंजिनियर धनेश्वरी गुलेरी ने जानकारी देते हुए बताया था कि बन्नाक चौक से लेकर गोविंद नगर गेट तक बनने वाली निर्माणाधीन नाली की कुल लंबाई 1300 मीटर है, और कुल 1 करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से इसे बनाया जा रहा है, इसके निर्माण का कुछ हिस्सा पूरा हो चुका है तो कई हिस्सों पर काम जारी है,

बेगारी का आलम यहां तक है कि चालू लाइन के खंभे को नाली के बीचों बीच ला दिया गया है, विभागीय सूत्रों के अनुसार नाली को डिजाइन के मुताबिक नहीं बनाया जा रहा है.. रसूखदारों को लाभ पहुंचाने के लिए ठेकदार ने नाली की स्वरूप को ही बदल कर रख दिया है, स्लैब कास्टिंग में भी लापरवाही बरती जा रही है जो स्लैब 6 इंच का बनाया जाना था उसे कहीं पर 5 तो कहीं 4.5 इंच का बना दिया गया है..
देखने वाली बात होगी कि, खबर को लेकर जिस तरह अधिकारियों ने गंभीरत दिखाई है वह कार्रवाई में तब्दील हो पाती है या फिर रसूख और सेटिंग के दम पर जनता के टेक्स के पैसों से बनने वाला 1300 मीटर का नाली भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है..




