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एजेंट के शिकंजे में बिलासपुर आरटीओ की महत्वपूर्ण फाइलें.. अंधेरा होते ही कौन संरक्षक लगा रहा महत्वपूर्ण फाइलों को ठिकाना.. क्या अधिकारी के इशारे पर चल रहा फाइलों की अफरा तफरी का खेल..

शहर के लग़रा में स्थित जिले के परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण फाइलों को एजेंट की संरक्षक वाली गाड़ी में अंधेरा होते ही पलटी किया जा रहा है..

बिलासपुर– सरकार द्वारा रोड और सड़क सेफ्टी के लिए नित नए प्रयास किए जा रहे है, धोखेधड़ी और अपराधों पर नकेल कसने के लिए सिस्टम को अपडेट कर नियमों कड़े किए जा रहे है, लेकिन बिलासपुर के परिवहन विभाग में हालिया मामला रोंगटे खड़ा करने वाला है क्योंकि, संरक्षक नेम प्लेट की गाड़ी में परिवहन विभाग के महत्वपूर्व दस्तावेज कैसे और कहां जा रहे इसे लेकर सवाल खड़े होना लाजमी बात है..

शहर के लग़रा में स्थित जिले के परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण फाइलों को एजेंट की संरक्षक वाली गाड़ी में अंधेरा होते ही पलटी किया जा रहा है.. इतना ही नहीं विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को इस मामले में पूरी जानकारी है.. बावजूद इसके इस अफरा तफरी को रोकने के बजाएं फाइलों को एकत्रित कर गाड़ी में रखने का काम किया जाता है, परिवहन विभाग के आस पास एजेंटो की फौज दुकान लगाकर लाइसेंस और अन्य काम कराने के नाम से ग्राहकों से पैसे वसूलते है, जिस गाड़ी में देर शाम पूरी फाइलें ठिकाने लगाई जाती है, वहीं गाड़ी दिनभर एजेंट के दुकान के सामने शोभा बढ़ाती रहती है, शायद ये ही कारण है कि, किसी प्रकार का विवाद न हो और बीच सड़क पर गाड़ी रोककर दस्तावेजों को पकड़ा न जाएं, इसके लिए गाड़ी में रिपोर्टर क्लब का संरक्षक होने का बोर्ड भी लगाकर रखा गया है..

बिलासपुर आरटीओ की महत्वपूर्ण फाइलों की अफरा तफरी के मामले में जब हमने और जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की तो पता चला कि गाड़ी एक एजेंट की है और साहब के खास होने का इनाम उसे मिला हुआ है.. नाम न छापने की शर्त पर विभागीय सूत्रों और आस पास एजेंट का काम करने वाले लोगों ने बताया कि, इन सब फाइलों को साहब (आरटीओ अधिकारी, असीम माथुर) के कहने पर एजेंट द्वारा देर शाम होते ही इधर से उधर किया जाता है, इतना ही नहीं कौन सी फाइल बढ़ानी है और कौन सी फाइल को रोकना है इसकी जिम्मेदारी एजेंट के हाथों में है, सूत्रों का कहना है कि, साहब आरटीओ अधिकारी असीम माथुर महीने में बमुश्किल ही ऑफिस आते है, क्योंकि अपनी जिम्मेदारियों का भार उन्होंने एजेंट को दे रखा है..

विभागीय सूत्रों का कहना है कि, एक मुंडी को आगे कर जमकर भ्रष्टाचार भी किया जा रहा है अधिकारी के नाम पर नोटो के बंडल लेने वाला कर्मचारी अधिकारी का लाडला और सबसे भरोसेमंद बताया जाता है जो दिन भर घूमघूमकर वसूली करता है..

अगली खबर पर फाइलों को पलटी करने वाली गाड़ी का वीडियो, खुद को संरक्षक घोषित करने वाले एजेंट और साहब के खास वसूली करने वाले कर्मचारियों का पर्दाफाश स्वतंत्र आवाज़ करेगा..

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