छत्तीसगढ़ में पहली बार तारामंडल दर्शन एवं खगोलीय अन्वेषण कार्यक्रम का आयोजन.. मदर्स प्राइड वर्ल्ड स्कूल द्वारा सप्तऋषि भारत (IASC) के सहयोग से विशेष तारामंडल दर्शन एवं खगोलीय अन्वेषण कार्यक्रम का आयोजन..
अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान से रूबरू कराने के उद्देश्य से मदर्स प्राइड वर्ल्ड स्कूल द्वारा सप्तऋषि भारत (IASC) के सहयोग से विशेष तारामंडल दर्शन एवं खगोलीय अन्वेषण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है..

बिलासपुर– छत्तीसगढ़ में पहली बार छात्रों को अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान से रूबरू कराने के उद्देश्य से मदर्स प्राइड वर्ल्ड स्कूल द्वारा सप्तऋषि भारत (IASC) के सहयोग से विशेष तारामंडल दर्शन एवं खगोलीय अन्वेषण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 22 मार्च (रविवार) और 23 मार्च (सोमवार) को मदर्स प्राइड वर्ल्ड स्कूल परिसर में आयोजित होगा..
इस कार्यक्रम में अतिथि वैज्ञानिक के रूप में अमृतांशु बाजपेयी (सप्तऋषि भारत, IASC, नासा से संबद्ध कार्यक्रम) तथा मुकेश सतांकर (संसाधन व्यक्ति, विज्ञान परिसर, एमपीसीएसटी, आरआईई भोपाल) उपस्थित रहेंगे और छात्रों को खगोल विज्ञान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देंगे..
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक दूरबीनों के माध्यम से आकाशीय पिंडों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया जाएगा, जिसमें चंद्रमा के गड्ढे, विभिन्न ग्रह तथा सप्तऋषि नक्षत्र को देखने का अवसर मिलेगा। आयोजकों के अनुसार इस तरह का कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिससे छात्रों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति रुचि बढ़ेगी.. इस कार्यक्रम में कक्षा 5 से 12 तक के सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भाग ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए आयोजकों द्वारा गूगल फॉर्म लिंक जारी किया गया है, जिसके माध्यम से इच्छुक विद्यार्थी अपना नाम दर्ज करा सकते हैं..
कार्यक्रम की विशेष बात यह है कि इसमें भाग लेने वाले छात्रों में से बिलासपुर के 4 छात्रों का चयन नासा द्वारा संचालित IASC क्षुद्रग्रह खोज शिविर के लिए किया जाएगा, जहां उन्हें एक वर्ष तक खगोलीय अनुसंधान से जुड़ने का अवसर मिलेगा.. आयोजकों ने इसे छत्तीसगढ़ में खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल बताया है और अधिक से अधिक विद्यार्थियों से इसमें भाग लेने की अपील की है..



