बिलासपुर– छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर मनाए जा रहे रजत जयंती चावल उत्सव को जमीनी स्तर पर पलीता लगाने का मामला सामने आया है। प्रशासन जहां इस योजना को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां कर रहा है, वहीं जूना बिलासपुर पचरीघाट रोड स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का विक्रेता ही इस योजना की साख पर सवाल खड़े कर रहा है.. जानकारी के अनुसार, उक्त दुकान का संचालन करने वाला दीपक भक्तानी हितग्राहियों के हिस्से का पीडीएस चावल खुलेआम इधर-उधर करने में लगा हुआ है.. बताया जा रहा है कि, यही दुकानदार कुछ समय पहले सट्टा संचालन के आरोप में पकड़ा गया था और जेल भी जा चुका है, लेकिन बाहर आते ही उसने फिर से गड़बड़ी शुरू कर दी..
दरअसल, शासन द्वारा रजत जयंती चावल उत्सव के तहत हितग्राहियों को तीन माह का चावल एकमुश्त दिया जा रहा है.. इसके लिए पहले से ही बड़ी मात्रा में चावल दुकानों तक पहुंचाया गया है, ताकि वितरण में किसी तरह की दिक्कत न हो। बावजूद इसके, संबंधित दुकान में जिम्मेदार लोगों की नीयत डोलती नजर आ रही है और बड़े स्तर पर चावल की अफरा-तफरी की शिकायतें सामने आ रही हैं..
विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि संबंधित दुकानदार केवल एक दुकान ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे से शहर की तीन अन्य दुकानों करबला और गोड़पारा क्षेत्र में दुकान का संचालन भी कर रहा है.. इतना ही नहीं, जूना बिलासपुर स्थित दुकान में पारदर्शिता का अभाव भी साफ दिख रहा है। दुकान में न तो नाम प्रदर्शित है और न ही आईडी क्रमांक अंकित है, जिससे संदेह और गहरा जाता है..
ऐसे में सवाल उठता है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे दुकानदारों पर प्रशासन कब और कैसी कार्रवाई करेगा। अब देखना होगा कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी कितनी गंभीरता दिखाते हैं और दोषियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं..
