भौतिक सत्यापन के दौरान शार्टेज पाएं गए दुकानों की रोकी गई कमीशन राशि.. मस्तूरी, कोटा समेत बिलासपुर के शासकीय उचित मूल्य दुकानों में पाई गई थी शार्टेज….
बिलासपुर– जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकानों का कमीशन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है, 2025 के वित्तीय वर्ष में जिले के 686 शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक समिति को कमीशन की राशि प्रदान की जाती है, वहीं 66 दुकानों के कमीशन राशि को रोक दिया गया है, इसकी वजह भौतिक सत्यापन के दौरान दुकानों में मिली शॉर्टेज है, जैसे ही इन दुकानों में संचालक समिति द्वारा शॉर्टेज को खत्म कर दिया जाएगा उनकी भी कमीशन राशि प्रदान कर दी जाएगी..
बिलासपुर खाद्य विभाग के खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने जानकारी देते हुए बताया कि, जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकान की संख्या 690 है जिसमें चार दुकान नए हैं ऐसे में 686 शासकीय उचित मूल्य दुकान की कमीशन राशि खाद्य निरीक्षकों द्वारा उनके खाते में भेजी जा रही है लेकिन जिले के 66 शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की कमीशन राशि को रोका गया है, क्योंकि पूर्व माह में जिले के सभी दुकानों का भौतिक सत्यापन कराया गया था ऐसे में 66 दुकानों में शॉर्टेज मिली थी, चावल और शक्कर समेत नमक और चने में शॉर्टेज होने की वजह से इन दुकानों का कमीशन राशि रोक दिया गया है..
खाद्य नियंत्रक में जानकारी देते हुए बताया कि आगामी दिनों में बारदाना का कमीशन भी जारी किया जाने वाला है ऐसे में जिस तरह कमीशन की राशि शॉर्टेज की वजह से रोकी गई है बारदाने की राशि भी रोकी जाएगी अगर शासकीय उचित मूल्य दुकान की संचालक समिति शॉर्टेज को खत्म कर रिपोर्ट जमा करती है तो उसे कमीशन की राशि और बारदाने की राशि जारी कर दी जाएगी..
जिले के 686 दुकानों में से रोके गए 66 दुकान अधिकतर मस्तूरी और कोटा ब्लॉक के हैं, इसके अलावा बिलासपुर, बिल्हा, तखतपुर, के शासकीय उचित मूल्य दुकान शामिल हैं जिनमें शॉर्टेज की स्थिति भौतिक सत्यापन के दौरान पाई गई बता दे कि, शासन के निर्देश के बाद खाद्य विभाग में पदस्थ निरीक्षकों के द्वारा भौतिक सत्यापन का कार्य किया गया था और सत्यापन के दौरान जिले के कई दुकानों में शॉर्टेज की स्थिति देखने को मिली थी, भौतिक सत्यापन के बाद कई शासकीय उचित मूल्य दुकान पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड भी किया गया था, अब शॉर्टेज पाए गए दुकानों की कमीशन राशि रोक दी गई है वही बारदाने की राशि के लिए दुकानों की सूची जिला विपणन विभाग को भेज दी गई है..



