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राष्ट्रीय पक्षी मोर के बच्चों को कैद करने वाले आरोपी पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई.. मयूरपंजरी जंगल क्षेत्र के मयूर के 4 बच्चों को कराया गया मुक्त..
बिलासपुर वन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पक्षी मयूर के बच्चों को कैद करके रखने वाले आरोपी पर बड़ी कार्रवाई की गई है.. वहीं आरोपी के कब्जे से कर मयूर चूजों को मुक्त कराया गया है.. वन मंडल अधिकारी बिलासपुर सत्यदेव शर्मा एवं उप वन मंडल अधिकारी बिलासपुर को मुखबीर से प्राप्त सूचना पर वन परिक्षेत्र अधिकारी बिलासपुर के मार्ग निर्देशन में सीपत परिवृत के मंजूरपहरी ग्राम में गुलाब सिंह मरावी के घर में छापामार कार्यवाही की गई.. उसके घर से पांच नग, मयूर के चूजे जप्त किए गए, कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी गुलाब सिंह मरावी द्वारा अपना अपराध स्वीकारते हुए बताया गया कि, मंजूरपहरी जंगल क्षेत्र (जलसट्टा तालाब एरीया) से मयूर के पांच नग अण्डे उठाकर अपने घर ले आया, उसे अपने देसी मुर्गी से हैचिंग कराया.. 15 से 20 दिन में उक्त अंडों से मयुर पांच चूजे निकले। उक्त मयूर के चूजे गुलाब सिंह मरावी के बाड़ी एवं आस-पास में ही विचरण कर मुर्गी के साथ में रहते रहे..
वन अधिकारियों द्वारा मयूर के उक्त पांच नग चूजों को जप्त कर, गुलाब सिंह मरावी को गिरफ्तार किया गया.. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आज दिनांक 10.9.24 को आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया.. जहां से माननीय न्यायालय के निर्देश पर आरोपी गुलाब सिंह मरावी को जेल दाखिल किया गया.. कार्रवाई में सर्किल फॉरेस्ट ऑफिसर सीपत अजय बेन, बीट फॉरेस्ट ऑफिसर मंजूरपहरी राजकुमार चेलकर, सचिन राजपूत, उड़नदस्ता प्रभारी संगीता तिर्की, सूरज मिश्रा, जान केनेडी एवं पाण्डेय शामिल रहे..



