Collector office Bilaspur
दूसरी ओर शासकीय उचित मूल्य दुकान के पूर्व विक्रेता ने आरोप लगाते हुए बताया है कि, पूरे मामले को लेकर विभाग के सभी अधिकारियों के बीच जानकारी होने के बाद भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है, मामले को लेकर जब बिलासपुर के खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया, वहीं इस मामले को लेकर दुकानदार ने कई सनसनीखेज आरोप लगाया है, दुकानदार का कहना है कि, जब उसे उचित मूल्य की दुकान की जिम्मेदारी सौंपी गई तो, राशन रिकॉर्ड में चावल की कमी का बड़ा अंतर था, इतना ही नहीं उससे पूर्व दुकानदार ने धीरे धीरे कर अंतर को जमा करने का वादा किया था, लेकिन जब यह निरीक्षक को उस ब्लॉक की जिम्मेदारी मिली तो शुरुआत में सब ठीक था लेकिन कटौती के साथ राशन मिलने की वजह दुकानदार को राशन बांटने में दिक्कतें हो रही थी, लेकिन खाद्य निरीक्षक ने उसे ध्यान दिए बिना दबाव बनाना शुरू कर दिया, पूर्व दुकानदार ने आरोप लगाते हुए कहा कि, समय समय पर जांच के नाम पर खाद्य निरीक्षक ने वसूली की थी, ऑनलाइन ट्रांसफर का डिटेल भी मौजूद है.. देखने वाली बात होगी कि, इस मामले को लेकर विभागीय अधिकारी या बिलासपुर कलेक्टर किस तरह की कार्रवाई करते है..
पूर्व दुकानदार ने आरोप की शिकायत के साथ दस्तावेज़ भी दिए है, जिसे अंक में खबर के माध्यम से आपके सामने लाया जाएगा..