बिलासपुर– शहर के गोलबाजार स्थित आग से क्षतिग्रस्त जर्जर भवन के मामले में मरम्मत की अनुमति की आड़ में अवैध बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स खड़ा किए जाने किया गया है.. शिकायत और नियमों की अवेहलना के बावजूद आज तक निर्माणाधीन इमारत पर कार्रवाई नहीं की जा रही है.. दरअसल कुछ माह पूर्व गोलबाजार में स्थित दुकान में भीषण आग लग गई थी जिसके बाद उसकी मरम्मत के नाम पर शहर एक रसूखदार संजय दुबे ने नई बिल्डिंग बनाना शुरू कर दिया.. बिना परमिशन बिना कागज के बनाई जा रही इमारत को लेकर लगातार शिकायत भी हुई है..

 

 

इसके संबंध में आज नगर निगम बिलासपुर के भवन शाखा अधिकारी अनुपम तिवारी से नवनिर्मित इमारत के विषय पर जानकारी मांगी गई थी उन्होंने बताया कि, माननीय हाईकोर्ट ने संजय दुबे को राजीनामा कर अनुमति लेने का आदेश लिया है.. और नजूल एनओसी के अप्लाई किया हुआ लेकिन अभी तक उन्हें परमिशन नहीं मिली है.. जब अनुपम तिवारी से पूछा गया कि, क्या इस दौरान संजय दुबे को काम करने की अनुमति प्रदान की गई है तो उन्होंने अनुमति नहीं देने की बात की, बिना अनुमति के कार्य करने पर कार्रवाई का सवाल पूछने पर उन्होंने चुप्पी साध ली.. इतना ही नहीं निर्माणाधीन इमारत में पार्किंग पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्किंग तो उनको बनानी पड़ेगी..

बड़ा सवाल यह उठता है कि, रसूखदार संजय दुबे गोलबाजार जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र में बिना परमिशन निर्माण कार्य कर रहे है, निर्माणाधीन इमारत में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, निगम के अधिकारियों को सारी जानकारी है फिर भी काम धड़ल्ले से चल रहा है, और प्रशासन तमाशबीन होकर तमाशा देख रहा है.. तो बिलासपुर जैसे व्यस्ततम शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना कैसे पूरा होगा इतना ही नहीं रसूखदार अपने रसूख के दम पर अवैध निर्माण करते रहेंगे तो व्यवस्थाएं कैसे दुरुस्त हो पाएगी.. आज नगर निगम बिलासपुर के अधिकारी कर्मचारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कार्रवाई नहीं कर रहे है लेकिन जब वहीं बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाएगी तो वहां स्थापित होने वाली दुकानों के सामने गाड़ियों की भीड़ लगेगी तो यातयात बाधित होगा, गोलबाजार जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर आवाजाही प्रभावित होगी, और फिर उस समय एसी रूम में बैठकर उस समय के अधिकारी शहर की बदहाली और रसूखदारों के अवैध निर्माण पर मजबूरी का रोना रोएंगे..