सक्ती डेस्क– वेदांता लिमिटेड के छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट द्वारा संचालित ‘आरोग्य परियोजना’ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.. इस परियोजना के तहत सिंघीतराई, ओडेकेरा और निमोही ग्राम पंचायतों में चलित स्वास्थ्य इकाइयों के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके जरिए अब तक लगभग 1500 जरूरतमंद ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं, निःशुल्क दवाइयां और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया है। इस पहल का क्रियान्वयन PHD Rural Development Foundation, नई दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना और उन्हें बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराना है..

चलित स्वास्थ्य इकाई के माध्यम से अब तक करीब 7000 ग्रामीणों को लाभ मिला है, जिससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है, बल्कि झोला-छाप चिकित्सकों पर निर्भरता भी कम हुई है, इन शिविरों में एमबीबीएस डॉक्टर और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, खून की कमी जैसी बीमारियों की जांच और उपचार किया जा रहा है, साथ ही पोषण और स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीणों को इलाज के लिए शहर जाने की जरूरत कम हुई है, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो रही है..

वेदांता पावर बिजनेस के सीईओ राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि कंपनी “स्वस्थ भारत” के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करना आवश्यक है। वहीं, प्लांट के मुख्य प्रचालन अधिकारी देवेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि इस पहल से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से लाभ मिल रहा है। ग्राम पंचायत सिंघीतराई के प्रतिनिधि घुरवा राम सिदार सहित अन्य ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है.. वेदांता समूह देश के प्रमुख निजी ऊर्जा उत्पादकों में से एक है, जिसकी कुल स्थापित क्षमता 12,000 मेगावाट से अधिक है और इसके पावर प्लांट पंजाब, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं..