छत्तीसगढ़बिलासपुर

खाद्य विभाग में चल रही अपने पराए वाली नीति?.. एक तरफ कार्रवाई न करने के मामले में सहायक खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक पर कर दी थी कार्रवाई.. दूसरी ओर कलेक्टर से लेकर विधायक तक भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद भी लाडले खाद्य निरीक्षक को किसका संरक्षण.. ये रिश्ता क्या कहलाता है?..

बिलासपुर– जिले के खाद्य विभाग में इन दिनों दुआ-भेदी और संरक्षण का जबरदस्त खेल देखने को मिल रहा है, जहां गंभीर आरोपो में जांच के बावजूद भी चहेते खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार को मस्तूरी और पचपेड़ी की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जबकि कुछ दिनों पूर्व ही विभाग के सहायक खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक पर शासकीय उचित मूल्य दुकान पर कार्रवाई न करने पर नोटिस जारी कर उन्हें मुख्यालय अटैच कर दिया गया..

पूरा मामला बिलासपुर के तखतपुर ब्लॉक का है जहां पूर्व में पदस्थ खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार के खिलाफ 45 दुकानदारों ने विधायक से शिकायत करते हुए गंभीर आरोप लगाएं थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि, खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार द्वारा दुकानदारों से महीने के हिसाब से निश्चित राशि वसूल की जाती है, इसमें तखतपुर विकासखंड शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक और विक्रेता कल्याण संघ के नेतृत्व में 45 दुकानदारों ने अपने हस्ताक्षर किए हुए शिकायत पत्र को सौंपा था, जिसके बाद गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान के पूर्व विक्रेता द्वारा खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया से लेकर तत्कालीन कलेक्टर से शिकायत की गई थी, जिसके बाद 2 माह पूर्व जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी तखतपुर को जिम्मेदारी सौंप दी गई थी, लेकिन जांच के नाम पर आजतक कुछ नहीं हुआ..

दूसरी ओर वसूली के गंभीर आरोपों से घिरे खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार को शिकायत के बावजूद भी लंबे समय तक तखतपुर में रखा गया जिसकी वजह से शिकायत भी दबी रही, शिकायतकर्ता द्वारा बार बार शिकायत के बावजूद भी विभाग से मदद न मिलने पर भीम सूर्यवंशी ने मीडिया के सामने सबूतों के साथ शिकायत को रखी.. मीडिया के खबर प्रसारित करने के बाद जांच की जानकारी शिकायतकर्ता को दी गई.. जिसके बाद विभाग की किरकिरी होते देख श्याम वस्त्रकार को तखतपुर से हटा दिया गया और मस्तूरी पचपेड़ी की जिम्मेदारी सौंप दी गई..

ऐसे में सवाल उठता है कि कुछ महीने पहले मस्तूरी में पदस्थ सहायक खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी और खाद्य निरीक्षक ललिता शर्मा पर कार्रवाई के बाद दुकानदारों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया और फिर दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें मुख्यालय अटैच कर दिया गया था, विभागीय सूत्रों की मानें तो इसके बाद ही आपसी खींचतान खुलकर सामने आ गई थी, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि, कलेक्टर से लेकर विधायक खाद्य नियंत्रक तक कई गंभीर शिकायत के बावजूद भी खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार पर विशेष कृपा क्यों बरसाई जा रही है.. सूत्रों की मानें तो खाद्य निरीक्षक को अफसरों सहित राजनयिक संरक्षण मिला हुआ है, इसलिए तो लंबे समय से चल रही शिकायतों के बाद भी खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार तखतपुर में जमे रहने में सफल रहे, वहीं मीडिया में खबरों के बाद विभागीय अधिकारियों की किरकिरे के बाद खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार को मस्तूरी पचपेड़ी भेज दिया गया..

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