स्वतंत्र अवाज विशेष
पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय ने मोदी सरकार को घेरा.. मोदी जी को देश की परिस्थिति भी देखना चाहिए, क्या घटती लोकप्रियता आपसे ये करवा रही है..
बिलासपुर– मोदी 3.0 ने पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद कमेटी की सिफ़ारिशो को मोहर लगा दिया है जिसमे वन नेशन – वन इलेक्शन देश में होना चाहिए लेकिन हमारा देश एक पूर्ण लोकतांत्रिक देश है और एक बेहतर संविधान है हमारे पास, तो क्या एसा करना संभव होगा कि हम देश की आवाज़ सुने बिना सिर्फ कमेटी की अनुशंसा के आधार पर इतना बड़ा फ़ैसला लेने जा रहे है,हमारा देश एक संघीय ढाँचे से बना हुआ है और इसको वैसे ही चलाया जा रहा है या पालन किया जा रहा है,हम अमेरिका, ब्रिटेन, फ़्रांस, केनेडा नहीं है हम 140 करोड़ के भारत देश है जहां की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियाँ अलग अलग है और सही बात ये है कि वहाँ के मुद्दे भी अलग अलग है।देश के मुद्दे और राज्यों के मुद्दे अलग अलग होने के कारण हम सभी बातों का ध्यान रख पाते है और उन्हें आधार पर निर्णय ले पाते है।आज देश में क्षेत्रीय पार्टियाँ भी है जिन पर जनता भरोसा करती है क्या वे इसमें टिक पायेंगी और क्या इससे जनता के स्वतंत्र मुद्दे शामिल हो पायेंगे,ये बड़ा प्रश्न है ? स्थानीय मुद्दे दबजाएँगे और केवल बड़े मुद्दे ही रह जाएँगे और जनता इससे कमजोर हो सकती है ? और ग़लत आदमी का चयन हो जाएगा जो जनहित नही है..
संविधान संशोधन एक बड़ा विषय होगा। एक पर मोदी सरकार ने अवश्य ही सोंचा होगा लेकिन केवल अपने फायदे के लिए !! ये इतना सरल नहीं है,अभी देश नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन इससे देश अपने आप को कितना सुरक्षित कर पाएगा ? देश में विधायक सांसद खेल बिगाड़ो भी होता है सरकारों को हॉर्स ट्रेडिंग करके गिराया भी जाता है और बीजेपी इस खेल में माहिर है तो फिर क्या होगा जब सरकार गिर जाएगी,क्या बचे समय में राष्ट्रपति शासन लगाया जायेगा ये जनता को पता होना चाहिए..
मोदी थ्री कहीं अपने डर से तो नहीं ये विषय को प्रमोट कर रही है, क्योंकि मोदी थ्री सरकार बड़ी मुश्किल से बनी है और इस विषय में राष्ट्रीयता से ज्यादा स्वार्थ दिख रहा है और वो केवल सत्ता पाने ने के लिये एसा किया जा रहा है,अब मोदी जी इतने पॉपुलर नहीं रह गये है इसलिए सत्ता आपसी का बीजेपी तोड़ ढूँढ रही है कि कैसे देश में कब्जा बनाया जाये ? ख़ैर हमारा देश इस पर चर्चा करेगा और जनता से कुछ छुपता नहीं है आगे सभी नापाक इरादे सामने आ जाएँगे ??



