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हे भगवान, एक दुकान में इतना विवाद.. 5 जून को मिला दुकान का प्रभार, करने लगे भ्रष्टाचार.. तराजू में सेटिंग कर गरीबों के चावल में डाकेबाजी.. नियमों को किया गया तार तार.. खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार ने न दुकान के अटैचमेंट की जानकारी दी, न नया प्रभार देने में प्रक्रिया का पालन किया..

बिलासपुर– जिले में 5 लाख से अधिक हितग्राही शासन द्वारा चलाएं जा रहे चावल तिहार के तहत 3 माह (जून जुलाई अगस्त) का चावल एकमुश्त दिया जा रहा है, जिसका समस्त हितग्राही लाभ उठा रहे है, लेकिन गरीबों के चावल पर लोभी लालच की नजरे जमाएं विक्रेता और समिति के लोग भ्रष्टाचार का कोई मौका नहीं छोड़ रहे है, मामला तखतपुर के गनियारी ग्राम पंचायत के विवादित शासकीय उचित मूल्य दुकान का है जहां बीते दिन नाप तौल विभाग के अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे.. जहां कुछ दिनों पूर्व तराजू में सेटिंग कर चावल चोरी की शिकायत की गई थी, जांच के दौरान नाप तौल विभाग की अधिकारी ने शिकायत को सत्य पाया और 2 दिनों में मशीन ठीक कराने की मोहलत दी, फोन के जरिए मामले में जानकारी देते नाप तौल अधिकारी निलुषा मिश्रा ने हुए बताया कि, शिकायत पर गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंची हुईं थी, जहां पर जांच के दौरान पाया गया कि तराजू में गड़बड़ी कर तय वजह से प्रति 35 किलो में 500 से 600 ग्राम चावल कम दिया जा रहा है, ऐसे में दुकानदार को 2 दिनों का समय दिया गया है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.. अधिकारी ने यह भी कहा कि, संदेह है कि यह काम लंबे समय से किया जा रहा है,

भ्रष्टाचार का मामला यह मामला अब और भी पेचीदा हो रहा है क्योंकि 5 जून को ही लखनी देवी महिला स्व सहायता समूह ने शासकीय उचित मूल्य दुकान का प्रभार लिया है, और समिति की अध्यक्ष के पति संजय केवट से जब मामले में फोन से जानकारी ली गई तो उन्होंने पूर्व विक्रेता जिसे खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार ने जय मां संतोषी महिला स्व सहायता के बिना सहमति के वितरण कार्य में रखा था, उसे ही विक्रेता बनाना बताया, और वितरण संबंध पूरी जिम्मेदारी ली है.. अब मामला पेचीदा होता नजर आ रहा है क्योंकि नापतौल अधिकारी की जांच में विक्रेता की चोरी पकड़ी गई है.. ग्राम पंचायत के अंतर्गत लगभग 1600 हितग्राही शासन की योजना का लाभ ले रहे है और विक्रेता द्वारा समिति के चयन के बाद भ्रष्टाचार कर रहा है तो समिति भी इसके लिए जिम्मेदार होनी चाहिए.. दूसरी ओर जय मां संतोषी महिला स्व सहायता समूह के संचालकों द्वारा खाद्य निरीक्षक पर जबरिया अपना विक्रेता बैठाने की बात की जा रही है, दूसरी ओर समिति का कहना है कि, दुकान को अटैच करते हुए और प्रभार बदलते समय नियमों का पालन नहीं किया गया.. तो सवाल उठना लाजमी है कि, क्या तखतपुर के पूर्व खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार के इशारे पर कुआं निवासी राम चरण कौशिक तराजू में गड़बड़ी कर हितग्राहियों के राशन पर डाकेबाजी का काम कर रहे थे.. और क्या 5 जून को शासकीय उचित मूल्य दुकान का प्रभार पाने वाली लखनी देवी महिला स्व सहायता समूह हिस्से की लालच में चावल चोरी को संरक्षण देकर गांव की जनता को लूटने का काम कर रही है..

पूरे मामले कई बातें निकलकर सामने आई है जो खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़ा करती है, जैसे भी भुंडा ग्राम पंचायत में संचालित जय संतोषी मां महिला स्व सहायता समूह के संचालक राजू पात्रे ने बताया कि, गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान को निलंबित कर अटैच करते समय खाद्य निरीक्षक ने उन्हें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी और न ही विक्रेता चयन, दुकान की स्थिति, स्टॉक की जानकारी उन्हें दी गई और न ही पंचनामा बनाया गया, इसके बाद दुकान को अटैचमेंट से हटाकर कर लखनी देवी महिला स्व सहायता समूह को देने के विषय में कोई जानकारी नहीं दी, जबकि प्रभार हस्तांतरण के समय प्रक्रिया का पालन करना होता है जिसमें पूर्व समिति के अध्यक्ष और प्रभार लेने वाली समिति के अध्यक्ष का होना अनिवार्य है, स्टॉक संबंधी जानकारी, पंचनामा समेत विक्रेता चयन की पावती शामिल है.. हद तो तब हो गई जब खबर लगने के बाद भुंडा शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली समिति को दुकान ट्रांसफर होने और लखनी देवी महिला स्व सहायता समूह को प्रभार देने की पावती दी गई.. दूसरी ओर समिति का कहना है कि, खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार ने विक्रेता के संबंध में उन्हें कभी कोई जानकारी नहीं दी, और उसमें हुए भ्रष्टाचार या अनियमितता के जिम्मेदार खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार होंगे.. क्योंकि अटैचमेंट से लेकर लखनी देवी महिला स्व सहायता समूह को प्रभार देने तक में कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई और न ही प्रभार हस्तांतरण का नियमों का पालन किया गया..

 

 

मामले में जांच को लेकर नापतौल विभाग के की अधिकारी निलुषा मिश्रा ने साफ कहा है कि, गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाले विक्रेता और उसकी संस्था (समिति) द्वारा ही गरीबों के राशन पर डाकेबाजी की गई है और आंशका जताई कि, यह काम पिछले कई महीनों से किया जा रहा है, वहीं पूरे मामले में तखतपुर के खाद्य निरीक्षक आशीष दीवान ने फोन के जरिए जानकारी देते हुए कहा कि, गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है, पूर्व समिति द्वारा विक्रेता के संबंध में जानकारी न होने की बात कहीं गई है और नापतौल विभाग द्वारा जांच की बात भी सामने आई है अगर जांच में यह तय होता है कि, विक्रेता और समिति द्वारा चावल वितरण या तौल में कोई गड़बड़ी की गई है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी और विक्रेता समेत लखनी देवी महिला स्व सहायता समूह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराया जाएगा.. पूर्व में तखतपुर में पदस्थ खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार पर कई गंभीर आरोप लगे हुए है जिनकी जांच भी चल रही है ऐसे में उन्हें प्रभार दिया जाना जबरदस्त राजनीतिक संरक्षण की ओर इंगित कर रहा है, इतना ही नहीं 45 दुकानदारों द्वारा सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक से वसूली की शिकायत के बावजूद भी कार्रवाई न होना कई सवाल खड़ा करता है, इतना ही नहीं तखतपुर अनुविभागीय अधिकारी शिव कंवर द्वारा खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार की दो माह से अधिक समय से जांच लंबित होना भी सवाल पैदा कर रही है..

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