मस्तुरी शूटआउट मामले में दो और गिरफ्तार, अकबर खान और देवेश सुमन को पुलिस ने दबोचा..
पुलिस ने षड्यंत्र में शामिल दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, अब तक इस सनसनीखेज वारदात में कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है..

बिलासपुर- मस्तुरी शूटआउट मामले में बिलासपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, पुलिस ने षड्यंत्र में शामिल दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, अब तक इस सनसनीखेज वारदात में कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है गिरफ्त में आए आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं.. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में गठित टीम ने 24 घंटे के भीतर ही घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को पकड़कर पुलिस की तत्परता का परिचय दिया था.. अब विवेचना के दौरान दो और आरोपियों- देवेश सुमन उर्फ निक्कु सुमन (24 वर्ष, निवासी मोहतरा) और अकबर खान (53 वर्ष, निवासी शिव विहार, मोपका) — को गिरफ्तार किया गया है..

मस्तुरी जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह और मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत के बीच पिछले कुछ समय से जमीनी विवाद और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर तनाव चल रहा था, दोनों पक्ष पहले भी मस्तुरी और सिविल लाइन थानों में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा चुके हैं..

इसी आपसी रंजिश में विश्वजीत अनंत ने अपने भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर 28 अक्टूबर 2025 को हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने पहले नितेश सिंह की दिनचर्या की रेकी की और फिर शाम को मस्तुरी जनपद पंचायत कार्यालय के सामने फायरिंग की, इस हमले में राजू सिंह और चंद्रभान सिंह को गोली लगी, जिन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया..
पुलिस की कार्रवाई
घटना के 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत, अरमान उर्फ बलमजीत अनंत, चाहत उर्फ विक्रमजीत, मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस, मोहम्मद मतीन उर्फ मॉन्टू, ब्रायनजीत उर्फ आरजू और एक विधि से संघर्षरत किशोर को गिरफ्तार कर लिया था, ताजा कार्रवाई में देवेश सुमन और अकबर खान की गिरफ्तारी से षड्यंत्र के कई पहलू और स्पष्ट हुए हैं।

अब तक की बरामदगी
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03 नग देशी पिस्टल
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02 नग देशी कट्टा
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06 मैगजीन
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05 जिंदा कारतूस
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13 खाली खोखे
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05 मोबाइल फोन
आज की कार्रवाई में आरोपियों अरमान उर्फ बलमजीत और चाहत उर्फ विक्रमजीत की निशानदेही पर 1 पिस्टल, 1 कट्टा और 1 जिंदा कारतूस भी जब्त किया गया..
सीसीटीवी फुटेज से खुला षड्यंत्र
पुलिस ने शहर के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हर कड़ी को जोड़ा और अपराधियों की पहचान की। आरोपियों की होटल, ढाबा और अन्य स्थानों पर की गई गतिविधियों की जांच में उनके शामिल होने की पुष्टि हुई..
संगठित अपराध की दिशा में जांच
सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया है कि वे एक संगठित आपराधिक समूह के रूप में कार्य कर रहे थे, इसलिए प्रकरण में धारा 111 बी.एन.एस. (संगठित अपराध) जोड़ी गई है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है



