मस्तूरी में अंधाधुन फायरिंग करने वाले समेत 7 को पुलिस ने दबोचा.. इस वजह से हमलावरों ने की थी अंधाधुन फायरिंग.. हुआ सनसनीखेज मामले का खुलासा..

बिलासपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मस्तूरी क्षेत्र में जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह के ऑफिस के बाहर गोलीबारी करने वाले समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली है.. बिलासा गुड़ी में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि, कुछ माह पहले नितेश सिंह का विश्वजीत अनंत से विवाद हो गया था जिसके बाद बदला लेने के लिए विश्वजीत अनंत द्वारा साथियों के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई गई थी, जिसके बाद 19 अक्टूबर को विश्वजीत अनंत द्वारा प्लान बनाया गया, इसके बाद अलग अलग लोगों को जोड़कर 7 आरोपियों की टीम बनी इसके बाद 25 अक्टूबर को फाइनल प्लान तैयार हुआ.. हमलावरों ने पहले ही जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह और चंद्रकांत सिंह और रवि सिंह को टारगेट कर लिया था, और उसके बाद मंगलवार को हमले को अंजाम दिया गया.. आरोपियों से पुलिस ने 2 नग देशी कट्टा, कई नग जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन, मोटर साइकिल, समेत कई सामान जप्त किया गया है.. वहीं जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह ने अपनी लायसेंसी बंदूक से जवाबी फायरिंग भी की थी..

बता दें कि मंगलवार की शाम 4 नकाबपोश 2 बिना नंबर वाली मोटर साइकिल से मौके पर पहुंचे थे और फिर अंधाधुन फायरिंग शुरू कर दी थी, हमले में चंद्रकांत सिंह के पैर और राजू सिंह हाथ में चोट आई थी, जिन्हें इलाज के लिए तत्काल अपोलो अस्पताल शिफ्ट किया गया था, जहां अभी दोनों घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है.. हमले में जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह बाल बाल बच गए थे, वहीं हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए थे, जिसके बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था, वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह भी मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरे जिले में नाकेबंदी के आदेश दिए थे,
पकड़े गए आरोपी-
विश्वजीत अनंत
अरमान उर्फ बलजीत अनंत
चाहत उर्फ विक्रमजीत
मो. मुस्तकीम उर्फ नफीस
मो. मतीन उर्फ मोंटू



