पीडीएस चावल की अफरा तफरी मामले में तय हुई जिम्मेदारी.. शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक को नोटिस जारी.. दुकान होगी निलंबित..
बिलासपुर– मस्तूरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले सीपत क्षेत्र में बीते दिन पकड़े गए पीडीएस चावल को लेकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा सेवा सहकारी समिति मर्या. सीपत के शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक धनवंतरी भूषण कौशिक को नोटिस जारी किया गया है, जिसके 1 दिवस के भीतर ही जवाब मांगा गया है, वहीं मामले में तत्काल कार्यवाही की भी बात कहीं जा रही है, जवाब के बाद दुकान संचालक पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.. लेकिन सूत्रों की माने तो जवाब के बाद भी दुकान का निलंबित होना तय माना जा रहा है,

जिले के सीपत क्षेत्र में बुधवार को ग्रामीणों की सतर्कता और सक्रियता से पीडीएस चावल की बड़ी तस्करी का मामला सामने आया, ग्रामीणों ने एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की, जिसमें भारी मात्रा में पीडीएस का चावल लदा हुआ था, वाहन में मौजूद धनवंतरी भूषण कौशिक और ड्राइवर चावल को खुले बाजार में बेचने की फिराक में थे, ग्रामीणों ने दोनों को पकड़कर सीपत थाने के हवाले कर दिया..

सूत्रों के अनुसार, यह तस्करी राजनीतिक संरक्षण में चल रहे अवैध कारोबार से जुड़ी हो सकती है। बताया जा रहा है कि आरोपी धनवंतरी भूषण कौशिक, भाजपा नेता राज्यवर्धन कौशिक का भाई है, घटना के बाद राज्यवर्धन कौशिक द्वारा स्थानीय स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों के सामूहिक विरोध के आगे सभी प्रयास विफल रहे..

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कुछ लोग राशन दुकानों से 10 रुपये प्रति किलो मिलने वाले पीडीएस चावल को बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने का अवैध धंधा कर रहे हैं। सीपत क्षेत्र में भी पिछले कुछ महीनों से ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही थी..

पुलिस ने मौके से पिकअप वाहन और उसमें लदे सैकड़ों क्विंटल चावल जब्त किए हैं, आरोपी धनवंतरी भूषण कौशिक और ड्राइवर फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नेटवर्क किन अन्य व्यक्तियों या संगठनों से जुड़ा हुआ है..
ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई को सराहा और कहा कि यदि वे समय पर कदम न उठाते, तो यह चावल खुले बाजार में बेचा जाता, जिससे समाज और सरकार दोनों को नुकसान होता, पुलिस ने बताया कि जिले में पीडीएस तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी..
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राजनीतिक दबाव के बावजूद जागरूक नागरिक समाज ऐसे भ्रष्टाचार और तस्करी के खिलाफ मजबूती से खड़ा हो रहा है..



