शासन और निगम की आंखों में धूल झोंककर अवैध प्लाटिंग का खेल.. रजिस्ट्री बंद होने के बाद घुरू में पक्का नहीं तो कच्चा जुगाड़ में चल रहा काम..
नियमों को ताक पर रखकर किस तरह से प्लाट काटा गया है.. इतना ही नहीं बड़ी बड़ी मशीनों से रात में ऊबड़ खाबड़ जमीन को समतल करने का काम किया जा रहा है..

बिलासपुर– छत्तीसगढ़ में अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए शासन द्वारा 5 डिसमिल से कम की जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाकर रखी गई है.. ताकि जमीन की अवैध खरीद फरोख्त करने वाले लोगों पर लगाम लगाया जा सके, दूसरी ओर कॉलोनाइजर और ठेकेदारों के लिए प्लाटिंग काटने और कालोनी बनाकर बेचने वालों को रेरा अप्रूवल को कंपलसरी कर दिया गया है ताकि मकान लेने वाले व्यक्ति को मापदंडों के हिसाब से सुविधाएं मिल सकें..

बिलासपुर जिले में सक्रिय जमीन दलाल और ठेकेदार शासन को चूना लगाकर प्लाटिंग काटने का गोरख धंधे को अंजाम दिए हुए है, ताजा मामला बिलासपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वॉर्ड क्रमांक 04, जोन क्रमांक 1 घूरू अमेरी का है, जहां महादेव नगर के पीछे खेतों को प्लाट के रूप में काटकर तैयार किया जा चुका है इतना ही नहीं 750 रुपए के हिसाब से कच्चे जमीन की सौदेबाजी की तैयारी भी की जा रही है.. तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि, नियमों को ताक पर रखकर किस तरह से प्लाट काटा गया है.. इतना ही नहीं बड़ी बड़ी मशीनों से रात में ऊबड़ खाबड़ जमीन को समतल करने का काम किया जा रहा है..

घुरू में तालाब के सामने कच्ची बसाहट के पास प्लाटिंग का काम करने वालों ने नए प्लाट काटने का काम शुरू कर दिया है इसके लिए बाकायदा मुरूम बिछाकर कच्ची सड़क का जाल बिछाया जा रहा है ताकि ग्राहकों को नियमों के विरुद्ध कच्चे प्लाट को बेचा जा सके.. देर रात से लेकर सुबह तक मशीनों के सहारे प्लाट को समतल कर अलग अलग साइजों में काटा जा रहा है ताकि चुपचाप शासन की आंखों में धूल झोंककर अवैध प्लाटिंग के खेल को खेला जा सके..

अगले अंक में- नामी जमीन दलालों के कारनामों के सबूत खसरा नंबर के साथ..



