मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मलेरिया कार्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण.. अटेंडेंस रजिस्टर पर साइन कर मौके से गायब कर्मचारियों को जारी किया नोटिस..
दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के बेहतर बनाने और गर्भवतियों की डीलवरी के लिए व्यवस्था को दुरुस्त रखने के दिए निर्देश..

बिलासपुर– मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने मंगलवार को बिलासपुर जिला मलेरिया कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सागर का निरीक्षण किया गया.. निरीक्षण के दौरान जिला मलेरिया कार्यालय में कार्यरत 14 कर्मचारियों में सिर्फ 04 कर्मचारी ही अपने कार्य पर उपस्थित मिले अन्य कर्मचारियों द्वारा अटेंडेंस रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर कार्यालय से बिना सूचना गायब मिले जिनसे नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है.. साथ ही कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने और आधार बेस अटेंडेंस करने आदेश दिया गया है..

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सागर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं को 20-25 किलोमीटर दूर बिलासपुर जिला अस्पताल या सिम्स में डिलीवरी कराने जाने की स्थिति न बने, इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे प्रसूति सेवा उपलब्ध कराते हुए डिलीवरी मामलों का समय पर उपचार सुनिश्चित हो। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. गरेवाल ने संस्था प्रभारी डॉ. राहुल डडसेना सहित समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए.. उन्होंने कहा कि एनसीडी कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग कार्य समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं और किए गए कार्यों की प्रविष्टियां नियमित रूप से अपडेट हों, जिले से उपस्थित नोडल डॉ रक्षित जोगी डॉ सौरभ शर्मा सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे..
ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएं कर्मचारी..
सीएमएचओ ने आमजन के आयुष्मान कार्ड और वय वंदन कार्ड शीघ्रता से बनाने पर जोर देते हुए निक्षय निरामया अभियान के तहत टीबी संभावित लोगों की स्क्रीनिंग और जरूरतमंद मरीजों का एक्स-रे जांच कराने को कहा.. साथ ही सभी सीएचओ और आरएचओ को आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर के माध्यम से राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रविष्टि समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारी एईबीएएस के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं, ताकि सेवाओं की निगरानी पारदर्शी तरीके से हो सके..
