गणतंत्र दिवस पर लगाएं गए फ्लेक्स विवाद पर कांग्रेस का ज्ञापन.. जिला प्रशासन पर भेदभाव के आरोप..
कांग्रेस का कहना है कि, राष्ट्रीय पर्व जैसे अवसर पर प्रशासन ने केवल सत्ताधारी दल के विधायकों को प्रमुखता दी, जबकि कांग्रेस विधायकों की पूरी तरह अनदेखी की गई..

बिलासपुर– जिले में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के मौके पर लगाए गए सरकारी फ्लेक्स अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गए हैं.. जिला कांग्रेस कमेटी शहर और ग्रामीण इकाई ने जिला प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व जैसे अवसर पर प्रशासन ने केवल सत्ताधारी दल के विधायकों को प्रमुखता दी, जबकि कांग्रेस विधायकों की पूरी तरह अनदेखी की गई..

जिला कांग्रेस कमेटी का आरोप है कि पूरे बिलासपुर शहर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर लगाए गए फ्लेक्स में सिर्फ भाजपा विधायकों की तस्वीरें लगाई गईं। जबकि जिले में कुल छह विधायक हैं, जिनमें दो कांग्रेस से निर्वाचित हैं। इसके बावजूद कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया की तस्वीरें एक भी फ्लेक्स में शामिल नहीं की गईं..

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गणतंत्र दिवस किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह संविधान और लोकतंत्र का राष्ट्रीय पर्व है। ऐसे में सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समान सम्मान मिलना चाहिए। फ्लेक्स में चयनात्मक तस्वीरें लगाना न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है..

जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेन्द्र गंगोत्री ने प्रशासन की इस कार्यप्रणाली को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि राष्ट्रीय पर्व पर भी राजनीति होगी, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरे की बात है। कांग्रेस ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में सभी जनप्रतिनिधियों को समान रूप से स्थान दिया जाए..
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इस पूरे मामले पर सफाई देगा, या फिर राष्ट्रीय पर्व पर लगे भेदभाव के आरोपों पर चुप्पी साधे रहेगा..



