छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर एनएसयूआई की प्रेसवार्ता.. शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल.. छात्र संघ चुनाव को लेकर मोर्चा खोलेगी एनएसयूआई..
शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाया, इस दौरान 12वीं बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक मामले, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली तथा छात्रों के अधिकारों के हनन को लेकर चिंता व्यक्त की गई..

बिलासपुर– नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) छत्तीसगढ़ द्वारा छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर बिलासपुर के प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित की गई.. यह प्रेस वार्ता दोपहर 12 बजे प्रेस ट्रस्ट भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में संपन्न हुई.. प्रेस वार्ता में NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारियों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाया, इस दौरान 12वीं बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक मामले, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली तथा छात्रों के अधिकारों के हनन को लेकर चिंता व्यक्त की गई..

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने कहा कि, भारत में छात्र राजनीति की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही हो गई थी, वर्ष 1936 में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के गठन के साथ छात्रों को संगठित किया गया, वहीं स्वतंत्रता के बाद 1954 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) की स्थापना के साथ विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक छात्रसंघ चुनावों की परंपरा शुरू हुई..

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा ने कहा कि, छात्रसंघ चुनाव छात्रों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जहां छात्रसंघ चुनाव नहीं होते, वहां लोकतंत्र कमजोर होता है और छात्रों की आवाज दब जाती है.. प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि छात्रसंघ चुनावों के माध्यम से देश को कई बड़े नेता मिले हैं, जिनमें अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, अजय माकन और मनीष तिवारी जैसे नाम शामिल हैं.. एनएसयूआई ने सरकार से मांग की है कि छात्रसंघ चुनावों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार कर छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए..



