बिलासपुर– भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने बिलासपुर के नेहरू नगर स्थित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल एवं उसकी विभिन्न शाखाओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.. छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश सचिव सोहराब खान, जिला उपाध्यक्ष गौरव सिंह परिहार तथा शान सिंह ठाकुर ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव एवं संचालक को विस्तृत साक्ष्यों के साथ ज्ञापन सौंपा, जिस पर अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए स्कूली व्यवस्था में सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाने और मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया..
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय का संचालन लीज पर लिए गए भवनों में किया जा रहा है, जिससे संस्था के स्थायित्व पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं, साथ ही स्थानीय स्तर पर किसी उत्तरदायी पदाधिकारी या गारंटर का अभाव भी सामने आया है। संगठन ने यह भी दावा किया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा राज्य के शिक्षा नियमों एवं मध्यप्रदेश सोसायटी पंजीयन अधिनियम, 1973 के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि विद्यालय का कोई स्वतंत्र स्थानीय बैंक खाता नहीं है और अभिभावकों से ली जाने वाली फीस को सीधे केंद्रीय खातों में स्थानांतरित किया जा रहा है, जो पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है..
एनएसयूआई ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रबंधन की कार्यकारिणी समितियों में स्वतंत्र सदस्यों के स्थान पर अधिकतर वेतनभोगी कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिससे निष्पक्ष नियंत्रण और निगरानी प्रभावित हो सकती है। संगठन ने मांग की है कि कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन (KYC) तथा PF और ESIC अनुपालन की गहन जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन एवं अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन इस मामले में त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो छात्र हितों की रक्षा के लिए NSUI उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी..
