बिलासपुर वनमंडल में महिला कर्मचारी के साथ कथित अभद्रता का मामला अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है, जहां आरोपियों पर कार्रवाई न होना विभागीय कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। पूरा मामला 4 मार्च 2026 का है, जब खोद्रा सर्किल में पदस्थ वनरक्षक बसंत महिलांगे और भूपेंद्र डहरिया द्वारा महिला कर्मचारी के साथ फोन पर अशोभनीय और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस घटना का ऑडियो साक्ष्य भी पीड़िता के पास मौजूद है, जिसे उसने अपनी शिकायत के साथ विभागीय अधिकारियों को सौंपा है..

पीड़िता ओसिन सिंह ने इस गंभीर मामले की शिकायत बिलासपुर के वनमंडलाधिकारी और मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप में दी, लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद आज तक आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामले को और विवादित तब बना देता है जब यह बात सामने आती है कि आरोपी भूपेंद्र डहरिया छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ का जिला सचिव है और विभाग में उसकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। आरोप यह भी लग रहे हैं कि वनमंडलाधिकारी से करीबी संबंध होने के कारण पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और विभागीय स्तर पर मिलीभगत के चलते कार्रवाई को टाला जा रहा है..

Screenshot
न्याय के लिए दर-दर भटकने के बाद अब पीड़िता ने मीडिया का सहारा लिया है और संविधान के चौथे स्तंभ से न्याय की गुहार लगाई है। लगातार शिकायतों, साक्ष्यों और गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि विभाग महिला मामलों को लेकर कितना संवेदनशील है। अब देखने वाली बात होगी कि इस खबर के सामने आने के बाद क्या जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुलती है, क्या वे इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करते हैं, या फिर ‘खास’ होने का फायदा उठाते हुए महिला कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने वालों पर यूं ही अधिकारियों का संरक्षण बना रहेगा..
महिला कर्मचारी द्वारा की गई शिकायत 👇👇👇




