बिलासपुर में कबाड़ी संतोष रजक पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई.. अवैध निर्माण पर नोटिस.. हाल ही में 5 टन चोरी का लोहा और धारदार हथियार के साथ हुआ था गिरफ्तार..

बिलासपुर– नगर निगम बिलासपुर ने चर्चित कबाड़ी कारोबारी संतोष रजक के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माण पर नोटिस जारी किया है.. निगम की बिल्डिंग शाखा से जारी नोटिस (क्रमांक 1499/न.पा.नि./भा.वि./2025–26) में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 का उल्लंघन है, यदि संतोष रजक द्वारा निर्धारित अवधि में वैध स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई तो अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई स्वयं उसके खर्चे पर की जाएगी..

निगम के नोटिस में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि संतोष रजक द्वारा सड़क और नाले पर कब्जा कर वहां कबाड़ फैलाकर रखा जाता है, जिसके कारण बरसात के दौरान जलभराव, गंदगी और यातायात अवरोध जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं.. आसपास के क्षेत्रवासियों ने भी कई बार इस अव्यवस्था को लेकर शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई केवल कागज़ों तक सीमित रही है..

गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व सरकंडा थाना पुलिस ने इसी संतोष रजक को 5 टन चोरी के लोहे और धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे मात्र दो दिनों में ही जमानत मिल गई। इतने गंभीर आरोपों के बावजूद इतनी जल्दी छूट जाना और अब नगर निगम की कार्रवाई यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर किसके संरक्षण में इतना बड़ा अवैध कारोबार फल-फूल रहा है?

हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पांडे ने अपने एक साल के कार्यकाल के दौरान संतोष रजक जैसे असामाजिक तत्वों पर लगातार कार्यवाही की है, थाना प्रभारी पांडे ने शहर में बढ़ते अवैध कबाड़ी कारोबार और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त पर नकेल कसने के लिए तीन से चार बार कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में चोरी का लोहा, धारदार हथियार और अवैध कबाड़ जब्त किया है, उनकी सक्रियता और तत्परता के कारण कई बार बड़े नेटवर्क का खुलासा भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद, आरोपियों का बार-बार छूट जाना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं थाना स्तर से ऊपर संरक्षण की एक अदृश्य परत अब भी मौजूद है..
थाना प्रभारी निलेश पांडे का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है, जिन्होंने दबावों के बावजूद बार-बार कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं.. सूत्रों के अनुसार, संतोष रजक का कबाड़ी कारोबार लंबे समय से विवादों में रहा है, शहर के कई हिस्सों से चोरी का लोहा, मशीन पार्ट्स और अन्य अवैध सामान उसके गोदामों से जब्त किए जा चुके हैं.. इसके बावजूद कार्रवाई के बाद भी उसका कारोबार जारी रहना प्रशासनिक प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.. अब जब नगर निगम ने आधिकारिक रूप से नोटिस जारी किया है, तो यह देखना होगा कि क्या प्रशासन इस बार वास्तव में सख्त कदम उठाएगा या फिर यह कार्रवाई भी औपचारिकता बनकर रह जाएगी..
शहर के नागरिकों का सवाल है — कब तक कानून का मज़ाक बनता रहेगा और किसकी छत्रछाया में चल रहा है कबाड़ी माफियाओं का ये नेटवर्क?



