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10 अक्टूबर को होगी पदयात्रा.. 2 दिन पंचमी तिथि की वजह से गुरुवार को रतनपुर की पदयात्रा..

बिलासपुर– पूरे देश में नवरात्र के पवित्र त्यौहार को हर्ष के साथ मनाया जा रहा है, मां जगत जननी के नौ रूपों की पूजा भक्ति नवरात्र के इन दिनों में कर रहे हैं और अपने मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता रानी की सेवा भक्तजन दिन-रात कर रहे हैं, छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से 25 किलोमीटर दूर स्थित रतनपुर में मां महामाया के मंदिर में नवरात्रि के दिनों में विशेष पूजा और उपासना की जा रही है.. दूर-दूर से भक्त रतनपुर पहुंचकर मां महामाया के दर्शन कर रहे हैं और अपने मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां के चौखट में हाजिरी दे रहे हैं..
हर वर्ष नवरात्र की सप्तमी की रात बिलासपुर और अन्य जगहों से पदयात्रा की शुरुआत होती है और यह यात्रा रतनपुर के मां महामाया मंदिर में पहुंचकर पूर्ण होती है जहां बड़ी संख्या में शहर और आसपास के क्षेत्र से हजारों की संख्या में भक्तजन माता के दर्शन करने पदयात्रा करते हैं इस वर्ष पदयात्रा के लिए प्रशासन ने व्यवस्था पूरी कर ली है वहीं मंदिर के मुख्य सतीश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार पंचमी की दो तिथि होने की वजह से पदयात्रा 10 अक्टूबर यानी गुरुवार को होगी..
पद यात्रा में आने वाले भक्तों के लिए इस बार महामाया मंदिर रतनपुर द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है पदयात्रा में आने वाले यात्रियों के वापस जाने के लिए बस का इंतजाम किया गया है जानकारी के मुताबिक 50 बसों को यात्रियों को वापस पहुंचने के लिए तैयार रखा गया है वहीं मंदिर तक पहुंचने के लिए दिव्यांग और वृद्ध जनों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई है.. ताकि दिव्यांग और वृद्धजन माता रानी के दर्शन कर सके.. माता रानी के मंदिर से पहले स्थित भैरव बाबा मन्दिर में नवरात्र के दिनों में विशेष पूजा अर्चना की जा रही है नवरात्र की सप्तमी की रात हजारों की संख्या में भक्तों का पहुंचना होगा जिसके लिए मंदिर प्रशासन द्वारा पूर्ण तैयारी कर ली गई है..

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