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UPI के नए नियम आज से लागू, डिजिटल लेन-देन होगा और भी सुरक्षित.. आप भी करते है ऑनलाइन ट्रांजेक्शन तो पहले पढ़िए ये खबर..

साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए बड़ा कदम, NPCI ने बदले UPI ऑटो पे नियम..

डेस्क- देश में हर दिन 45 करोड़ से ज्यादा UPI (Unified Payments Interface) का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए अब लेन-देन और भी सुरक्षित होने जा रहा है। NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने 1 अगस्त 2025 से UPI ऑटो-पे, बैलेंस चेक और धोखाधड़ी से बचाव के नियम में बड़े बदलाव लागू किए हैं..

नए बदलावों की मुख्य बातें..

बदलाव का नाम नया नियम (1 अगस्त 2025 से)

ऑटो पे सुरक्षा ऑटो डेबिट के पहले दिन उपयोगकर्ता को SMS/नोटिफिकेशन के ज़रिए सूचित किया जाएगा

बैलेंस चेक लिमिट 24 घंटे में बैलेंस चेक करने की सीमा तय की गई है, ताकि बैंक सर्वर पर लोड न पड़े

फ्रॉड प्रोटेक्शन नए AI-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम लागू—संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर तुरंत ब्लॉक

फास्ट ऑथेंटिकेशन 3 बार से ज्यादा UPI पिन गलत डालने पर 24 घंटे तक ऑटो ब्लॉक

क्यों ज़रूरी थे ये बदलाव?

देश में हर दिन 45 करोड़ से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन होते हैं। ऐसे में फर्जी एप्लिकेशन, फिशिंग लिंक और कॉल फ्रॉड जैसे मामले तेजी से बढ़ रहे थे। NPCI के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में साइबर ठगी से जुड़े मामलों में 200% की वृद्धि दर्ज की गई..

ऐसे बचें डिजिटल धोखाधड़ी से..

अनजान लिंक पर क्लिक न करें, Google Play Store के बाहर से ऐप डाउनलोड न करें.. बैंक कर्मचारी बनकर आए कॉल को तुरंत काटें, किसी को भी OTP, PIN या पासवर्ड न बताएं.. “AnyDesk”, “QuickSupport”, “Coinbase”, “FlashPay” जैसे संदिग्ध ऐप्स से बचें..

क्या कहती है सरकार..

इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय ने बताया कि भारत में 300+ संदिग्ध ऐप्स को बैन किया गया है, जो Chinese origin के हैं और लोगों की बैंक डिटेल चुराकर ठगी करते थे..

आंकड़ों में समझिए

2024 में कुल UPI फ्रॉड केस: 4.3 लाख

ठगे गए कुल पैसे: ₹1,100 करोड़ से अधिक

सबसे ज़्यादा ठगी किसमें- फ़र्जी Loan App

डिजिटल इंडिया की रफ्तार तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उसके साथ सुरक्षा का कवच मजबूत करना भी जरूरी है। NPCI के नए नियम से आम उपयोगकर्ता को काफी राहत मिलेगी, अब UPI सिर्फ आसान ही नहीं, बल्कि ज्यादा सुरक्षित भी है..

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