बिलासपुर

संदिग्ध राशन कार्डधारियों के भौतिक परीक्षण के लिए विभाग ने आयोजित की शासकीय उचित मूल्य दुकान के विक्रेताओं की बैठक.. जिले के 1,54,530 संदिग्ध हितग्राहियों का होगा भौतिक परीक्षण..

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को Suspected Beneficiary (संदिग्ध लाभार्थी) वाले राशन कार्डधारकों की सूची भेजी है, इस सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं..

बिलासपुर- जिले में संदिग्ध राशनधारियों कार्डों की जांच प्रक्रिया शुरू होने वाली है, इसी कड़ी में खाद्य विभाग द्वारा मंगलवार को एकदिवसीय बैठक जिला सहकारी बैंक के सभा कक्ष में आयोजित की गई.. बैठक में शहर के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों को बुलाया गया और उन्हें केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई संदिग्ध राशन कार्डों की सूची सौंपी गई..

केंद्र सरकार से आई सूची..

खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को Suspected Beneficiary (संदिग्ध लाभार्थी) वाले राशन कार्डधारकों की सूची भेजी है, बिलासपुर जिले में 1,54,530 संदिग्ध हितग्राहियों की सूची विभाग को भेजी गई है जिनका भौतिक परीक्षण किया जाना है.. इस सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं..

  • जिनके पास ढाई एकड़ से अधिक कृषि भूमि है..

  • जिनकी सालाना आय छह लाख रुपये से अधिक है..

  • जो कंपनियों के डायरेक्टर हैं जिसका टर्न ओवर सालाना 25 लाख से अधिक है..

  • जो किसान पीएम किसान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं और उनकी भूमि 2.47 एकड़ से अधिक है..

इसके बावजूद भी ये लोग बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी में राशन कार्ड संधारित कर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं.. सबसे अधिक किसान निधि योजना का लाभ उठाने वाले किसानों की सूची है जिस पर विभाग अब राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की मदद से डेटा एकत्रित का वापस भेजेंगे..

दुकानदारों को मिले निर्देश..

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने उचित मूल्य दुकान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सूची में दर्ज नामों का भौतिक परीक्षण करें, दुकानदारों को अपने क्षेत्र के कार्डधारकों की वास्तविक स्थिति की जांच करनी होगी और सत्यापित रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध करानी होगी..

अपात्र पाए जाने पर निरस्त होंगे कार्ड..

खाद्य नियंत्रक कुजूर ने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति बीपीएल श्रेणी से बाहर पाया जाता है, तो उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा.. उन्होंने साफ कहा कि सरकार की मंशा है कि गरीब और पात्र परिवारों को ही शासकीय योजनाओं का लाभ मिले, अपात्र लोग योजनाओं का फायदा उठाते रहेंगे, तो वास्तविक जरूरतमंद वंचित रह जाएंगे..

दुकानदारों पर भी कार्रवाई की चेतावनी..

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी उचित मूल्य दुकान संचालक ने सत्यापन में लापरवाही बरती या गलत जानकारी दी, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी..

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