दिनदहाड़े दुकानदार कर रहा हेराफेरी, जबड़ापारा में गरीबों का चावल ऑटो में भरकर बेचा जा रहा.. स्थानीयों का आरोप, चावल नहीं है बोलकर थमाया जाता है नगदी..

बिलासपुर- जिले में गरीबों के राशन पर डकैती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा.. ताज़ा मामला जबड़ापारा इलाके का है, जहां शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक धनश्याम मिश्रा द्वारा गरीबों का चावल सीधे व्यापारी के गोदाम में भेजने का मामला उजागर हुआ है..

सूत्रों के अनुसार, शुभम प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार से बंटने वाला चावल ऑटो और हमालों के जरिए व्यापारी के गोदाम में पहुँचाया गया.. वहीं, संचालक खुद नगदी वसूलने गोदाम तक पहुँच जाता है..
पहले भी पकड़ा जा चुका है घोटाला..
धनश्याम मिश्रा के खिलाफ इससे पहले भी चावल की अफरा-तफरी का मामला उजागर हो चुका है। कार्रवाई होने के बावजूद आज भी दुकान का संचालन उसी के पास है, जिससे गरीब हितग्राहियों को उनका हक नहीं मिल पा रहा..

जांजगीर में हुई थी कड़ी कार्रवाई..
चावल घोटाले का ऐसा ही मामला जांजगीर जिले में भी सामने आया था। वहाँ खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए एफ़आईआर दर्ज कराई और समिति अध्यक्ष व विक्रेता को जेल भेज दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिलासपुर में भी ऐसे ही ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि हेराफेरी करने वालों में खौफ पैदा हो..
स्थानीयों का आरोप..
जबड़ापारा क्षेत्र की जनता का कहना है कि, शुभम प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार दुकान के संचालक घनश्याम मिश्रा द्वारा चावल नहीं आया है कहकर राशन देने से इंकार किया जाता है और दूसरी ओर पैसा ले जाओ कहकर 22 से 23 रुपए प्रति किलो के माध्यम से हिसाब कर पैसा थमा दिया जाता है.. ऐसे में स्थानीय जनता को मजबूर होकर पैसे लेने पड़ते है वहीं फिर बाजार से उन्हें महंगे दरों पर चावल खरीदना पड़ता है जिससे उनको आर्थिक हानि भी उठानी पड़ती है, और उसी जनता के चावल को हेराफेरी कर व्यापारियों को 26 से 28 रुपए किलो के बीच बेचकर मुनाफा कमाता है..

खाद्य विभाग पर सवाल..
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बार-बार उजागर होने के बावजूद बिलासपुर में क्यों नहीं हो रही कठोर कार्रवाई?
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क्या विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह खेल संभव है?
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गरीबों के हक का राशन कब तक माफिया व्यापारी की जेब में जाएगा?
स्थानीय लोगों की मांग..
लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गरीबों का हक मारने वाले ऐसे राशन माफियाओं पर न केवल एफआईआर हो बल्कि लाइसेंस भी तत्काल निरस्त किया जाए, ताकि प्रदेशभर में एक सख्त संदेश जा सके..




