रतनपुर में कल्चुरी कलार महोत्सव का भव्य आयोजन 9 को.. कुलदेवी महामाया की नगरी में गूंजेगी संस्कृति और एकता की स्वर लहरिया..
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे अध्यक्षता.. समाज की संस्कृति, गौरव और संगठन शक्ति को समर्पित ऐतिहासिक उत्सव..

बिलासपुर/रतनपुर- कल्चुरी कलार महासंघ, छत्तीसगढ़ द्वारा इस वर्ष “कल्चुरी कलार महोत्सव” का भव्य आयोजन रविवार, 9 नवंबर 2025 को किया जा रहा है, ऐतिहासिक कुलदेवी माँ महामाया मंदिर प्रांगण, रतनपुर इस अवसर पर समाज की परंपरा, कला और गौरवगाथा के रंगों से सराबोर होगा, यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कल्चुरी समाज की एकता, संस्कृति, धरोहर और सम्मान का विराट उत्सव बनने जा रहा है.. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न संगठनों को एक सूत्र में पिरोना, नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना और राज्य को कल्चुरी परंपरा की समृद्ध धरोहर से परिचित कराना है..

कुलदेवी महामाया की आराधना से होगी शुरुआत..
महोत्सव का शुभारंभ प्रातः कुलदेवी माँ महामाया की आराधना से होगा। इसके बाद माता बहादुर कलारिन और सहस्त्रबाहु जी का पूजन-वंदन किया जाएगा.. आस्था और श्रद्धा से भरे इस अनुष्ठान के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर प्रारंभ होगा, जिसमें समाज की कला, संगीत और परंपरा की अनोखी झलक देखने को मिलेगी.. इसके बाद समाज के वरिष्ठजनों और पदाधिकारियों द्वारा सामाजिक एकता और संगठन सुदृढ़ीकरण पर विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे..

मुख्यमंत्री साय होंगे मुख्य अतिथि, मंत्री जायसवाल करेंगे अध्यक्षता..
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे.. अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, तथा पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति रहेगी..
विधायकों और समाज प्रतिनिधियों की बड़ी उपस्थिति..
महोत्सव में राज्यभर से समाज के वरिष्ठ जन, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे, विशिष्ट अतिथियों में अमर अग्रवाल (विधायक, बिलासपुर), सुशांत शुक्ला (विधायक, बेलतरा), धरमलाल कौशिक (विधायक, बिल्हा), संगीता सिन्हा (विधायक, बालोद), ठा. धरमजीत सिंह, अटल श्रीवास्तव (विधायक, तखतपुर), दिलीप लहरिया (विधायक, मस्तूरी), विकास महतो (विधायक, कोटा एवं संरक्षक, हैहय कल्चुरी कलार समाज), जयनारायण चौकसे (राष्ट्रीय अध्यक्ष, हैहय कल्चुरी कलार समाज), लवकुश कश्यप (अध्यक्ष, नगर पालिका रतनपुर), पुन्नु लाल मोहले (विधायक, मुंगेली), योगेश्वर राजू सिन्हा (विधायक, महासमुंद), रूपनारायण सिन्हा (अध्यक्ष, योग आयोग, छत्तीसगढ़) और प्रबल प्रताप जूदेव (प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) सहित अनेक गणमान्यजन शामिल होंगे..
रतनपुर कल्चुरी साम्राज्य की गौरव नगरी..
इतिहासकारों के अनुसार रतनपुर नगरी की स्थापना राजा रतनदेव कल्चुरी ने की थी। यह नगर लम्बे समय तक कल्चुरी साम्राज्य की राजधानी रहा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बना, आज भी रतनपुर के मंदिरों, स्थापत्य और पुरातात्विक धरोहरों में उस गौरवशाली इतिहास की झलक मिलती है..
कल्चुरी समाज का योगदान..
कल्चुरी समाज ने छत्तीसगढ़ के निर्माण, प्रशासन, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाई है, समाज के पुरोधाओं का योगदान राज्य के इतिहास के हर अध्याय में दर्ज है, यह महोत्सव उसी योगदान के प्रति आभार, सम्मान और गर्व की अभिव्यक्ति है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का संकल्प भी देता है, प्रेस वार्ता में समाज के मनोज राय, अशोक जायसवाल, मोहित जायसवाल, रमेश जायसवाल,अशोक जायसवाल शैलेंद्र जायसवाल, संजय महोबे, सुरेंद्र जायसवाल, पेशी राम जायसवाल आदि मौजूद थे..



