छत्तीसगढ़

कक्षा 9वीं-11वीं की परीक्षा तिथि में अचानक बदलाव पर बवाल.. एनएसयूआई ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन..

25 मार्च से प्रस्तावित वार्षिक परीक्षा को 27 फरवरी से कराने के फैसले का विरोध, छात्रों के हित में पूर्ववत समय सारणी लागू करने की मांग..

बिलासपुर- कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं की समय सारणी में अचानक किए गए बदलाव को लेकर छात्र राजनीति तेज हो गई है, राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधिमंडल ने आज बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूर्व निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम को बहाल करने की मांग की..

पहले 25 मार्च, अब 27 फरवरी से परीक्षा..

छात्र नेताओं ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व में जारी समय सारणी के अनुसार कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च से प्रारंभ होनी थीं। विद्यार्थी उसी आधार पर अपनी तैयारी और रिवीजन कर रहे थे, लेकिन अचानक संशोधित टाइम टेबल जारी कर परीक्षाएं 27 फरवरी से प्रारंभ करने की घोषणा कर दी गई..

एनएसयूआई का कहना है कि परीक्षा तिथि में इस प्रकार का अचानक बदलाव विद्यार्थियों के हितों के विपरीत है। चार दिन पहले नई समय सारणी जारी कर परीक्षा शुरू करना छात्रों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बनाना है..

रिवीजन के बीच अचानक परीक्षा अनुचित..

प्रदेश महासचिव अर्पित केशरवानी ने कहा कि अधिकांश छात्र अभी अपने पाठ्यक्रम का अंतिम रिवीजन कर रहे हैं। कई विद्यालयों में प्री-बोर्ड और आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया भी हाल ही में पूरी हुई है। ऐसे समय में परीक्षा तिथि को लगभग एक माह पहले कर देना छात्रों के शैक्षणिक परिणामों को प्रभावित कर सकता है..

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष रूप से कठिनाई का सामना करना पड़ेगा, जहां संसाधनों की पहले ही कमी रहती है। अचानक बदलाव से अभिभावकों में भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है..

 

प्रशासन से पूर्ववत समय सारणी लागू करने की मांग..

ज्ञापन में मांग की गई है कि पूर्व में घोषित 25 मार्च से शुरू होने वाली समय सारणी को ही लागू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के हित में निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा..

इस दौरान एनएसयूआई के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ठाकुर, पूर्व प्रदेश सचिव सोहराब खान, जिला उपाध्यक्ष गौरव सिंह परिहार, जिला सचिव शान सिंह ठाकुर, पुष्पराज साहू, अमन यादव एवं आयुष भट्ट शामिल रहे..

छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मांग की कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द संशोधित आदेश जारी कर पुरानी समय सारणी बहाल की जाए.. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है और क्या विद्यार्थियों को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा देने का अवसर मिल पाता है या नहीं..

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