बिलासपुर– प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व रिकॉर्ड और नियमों को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल सिग्नेचर और दस्तावेजों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया तेज की गई है। प्रशासन भी इस व्यवस्था को लेकर गंभीर नजर आ रहा है और समय-समय पर राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए जाते हैं, ताकि जमीन संबंधी सभी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे..
बिलासपुर जिले के बिरकोना हल्का में पदस्थ पटवारी पराग महिलांगे पर गंभीर आरोप लगे हैं.. आरोप है कि, ऊषा कौशिक की जमीन के रिकॉर्ड में पूर्व से दर्ज डिजिटल हस्ताक्षर को हटा दिया गया, इस मामले को लेकर मंगलवार को प्रार्थी ऊषा कौशिक ने बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत की.. शिकायत में बताया गया है कि भूमि खसरा नंबर 154/3, मौजा बिरकोना, तहसील एवं जिला बिलासपुर की जमीन में पहले से डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज थे, जिन्हें वर्तमान पटवारी द्वारा हटा दिया गया। इसके कारण जमीन संबंधी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी ने कलेक्टर से दस्तावेजों में पुनः डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज कराने की मांग की है..
जनदर्शन में दिए गए आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रार्थी ने कई बार पटवारी कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद मजबूर होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत करनी पड़ी, इधर, जिले समेत प्रदेशभर में जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी और रिकॉर्ड में बदलाव को लेकर पटवारियों पर लगातार गंभीर आरोप लगते रहे हैं, ऐसे मामलों के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और संबंधित मामले की जांच किस स्तर तक पहुंचती है..
