बिलासपुर– अग्रज नाट्य दल बिलासपुर द्वारा आयोजित 45 दिवसीय अभिनय एवं रंगमंच प्रशिक्षण कार्यशाला के तीसरे दिन प्रतिभागियों को अभिनय, वॉइस थ्रो, वॉइस मॉड्यूलेशन तथा चरित्र निर्माण की महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने बताया कि किसी भी पात्र को मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए केवल संवाद बोलना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि आवाज़, भाव, शारीरिक हाव-भाव और मंचीय उपस्थिति का संतुलन भी अत्यंत आवश्यक होता है..

प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को वॉइस थ्रो एवं वॉइस मॉड्यूलेशन के माध्यम से आवाज़ में उतार-चढ़ाव, भावनात्मक अभिव्यक्ति और संवाद अदायगी की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया गया। साथ ही यह भी समझाया गया कि किसी भी चरित्र या पात्र को मंच पर जीवंत बनाने के लिए कलाकार को उसके स्वभाव, मनोभाव और परिस्थिति को आत्मसात करना पड़ता है। प्रशिक्षकों ने ऑब्जरवेशन, मूवमेंट और अभिव्यक्ति पर विशेष अभ्यास कराते हुए बताया कि अपने आसपास की छोटी-छोटी गतिविधियों, लोगों के व्यवहार और दैनिक जीवन की परिस्थितियों को ध्यानपूर्वक देखकर प्रभावशाली सीन किस प्रकार तैयार किए जा सकते हैं..

कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रशिक्षार्थियों ने अपनी-अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभिनय के दौरान दृश्य (सीन) को किस प्रकार प्रभावशाली बनाया जाए, पात्र के अनुरूप शारीरिक गतिविधियां कैसे विकसित की जाएं तथा मंच पर स्वाभाविक प्रस्तुति कैसे दी जाए, इन विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को अभिनय की अनेक सूक्ष्म एवं महत्वपूर्ण बारीकियों से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से नवोदित कलाकारों की समझ, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता में निरंतर विकास देखने को मिल रहा है..

अग्रज नाट्य दल द्वारा 15 मई से तिलक नगर स्कूल में 6 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष बाल नाट्य कार्यशाला का आयोजन भी किया जाएगा। इस कार्यशाला में बच्चों को अभिनय, संवाद अदायगी, मंच संचालन एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनमें कला और अभिव्यक्ति के प्रति रुचि विकसित हो सके, कार्यशाला का उद्देश्य युवा एवं बाल कलाकारों को रंगमंच की तकनीकी एवं रचनात्मक विधाओं से जोड़ते हुए उनके व्यक्तित्व और अभिनय कौशल को निखारना है..