स्वतंत्र अवाज विशेष
केंद्र सरकार NEET की दुबारा परीक्षा पर राज़ी क्यों ? समझ से परे शिक्षा मंत्री का बयान- शैलेश.. देश के लाखों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, CBI जाँच होनी चाहिए..
बिलासपुर– देश भर में NEET की परीक्षा को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, देश का सबसे विश्वसनीय एग्जाम में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो गई, लाखों बच्चों के साथ खिलवाड़ कैसे कर सकती है मोदी सरकार ? NTA की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो गया है और पूरे देश के न्यायालय में याचिकाएँ लगी हुई है, देश भर के बच्चे क़ानून से न्याय माँग रहे है कि उनके भविष्य के साथ मोदी सरकार खिलवाड़ कर रही है, डॉ बनने वाले बच्चों के जीवन में अंधकार छाया हुआ है किस पर विश्वास करे और किस पर नहीं.. ये कहना है बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय का.. उनके द्वारा ज़ारी बयान में जमकर केंद्र सरकार को घेरा गया है,
पाण्डेय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि, कोचिंग सेंटर में लाखों बच्चे महँगी पढ़ाई सिर्फ़ इसलिए करने जाते है ताकि उनका भविष्य बन सके.. ग़रीब से ग़रीब माता पिता अपने बच्चे को कोचिंग करवाते है ताकि उसके बच्चे का सपना पूरा हो सके.. मोदी सरकार लगभग 1500 बच्चों का पुनः एग्जाम लेने को क्यों तैयार हो गई है इसका मतलब परीक्षा में धांधली हुआ है और मोदी सरकार और NTA मिलकर कुछ न कुछ देश से छुपा रहे है, केंद्र के शिक्षा मंत्री का बयान है कि पेपर लीक नहीं हुआ है और भ्रष्टाचार भी नहीं हुआ है तो शिक्षा मंत्री जी ये बताएँ कि क्या और क्यों गड़बड़ी हुआ है।देश भर में मोदी की गारंटी देने वाली भाजपा ने क्या NEET परीक्षा के लिए भी कोई गारंटी दिया था.. छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी सरकार के समय मेडिकल परीक्षा में गड़बड़ी हुआ था और पोरा बाई और बस्तर में परीक्षा घोटाला हुआ था.. केंद्र की मोदी सरकार को NEET परीक्षा में गड़बड़ी को सार्वजनिक करना चाहिए और देश के बच्चों से माफ़ी माँगनी चाहिए..



