बिलासपुर

खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार का एक और कारनामा.. जिस समिति में दुकान अटैच किया उसे ही जानकारी नहीं, जिसे बनाया विक्रेता, उसको समिति जानता भी नहीं.. भ्रष्टाचार की तगड़ी बू?..

बिलासपुर– जिले के खाद्य विभाग में इन दिनों जमकर हंगामा मचा हुआ है, चौतरफा शिकायत के बाद खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं, इस बार भी मामला गनियारी ग्राम पंचायत के शासकीय उचित मूल्य दुकान से जुड़ा हुआ है यहां नियमों को दरकिनार कर खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार ने बड़ा खेल कर दिया है, दरअसल पैसे वसूली और जबरिया कार्रवाई की शिकायत पर जांच के दौरान अब खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार पर नियमों को दरकिनार कर भ्रष्टाचार करने के आरोप लग रहे है, दरअसल जानकारी के मुताबिक तखतपुर के पूर्व खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार ने गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान के पूर्व संचालक भीम सूर्यवंशी पर कार्रवाई करने के बाद दुकान को भुंडा ग्राम पंचायत में शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाले जय मां संतोषी समिति में अटैच कर दिया गया था, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी इतना ही नहीं समिति को अंधेरे में रखकर दूसरे जगह से विक्रेता लाकर दुकान में बैठा दिया गया था.. जिसकी जानकारी लंबे समय तक समिति को नहीं दी गई थी..

Collector office Bilaspur

दरअसल गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान पर भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद बीते दिन जांच के लिए मौके पर अधिकारी पहुंची हुई थी, जिसके बाद वहां पर ग्रामीणों को कम राशन देने और बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम देने की बात सामने आ रही है.. दूसरी ओर मामले में दुका का संचालन करने वाली समिति को इस मामले की जानकारी ही नहीं है जबकि शासकीय उचित मूल्य दुकान में वितरण भंडारण और तमाम कार्यों के लिए समिति जिम्मेदार होती है.. लेकिन गनियारी ग्राम पंचायत में खाद्य निरीक्षक ने कहानी की पटकथा को ही बदल कर रख दिया है..

 

गनियारी ग्राम पंचायत शासकीय उचित मूल्य दुकान जो वर्तमान में भुंडा ग्राम पंचायत में स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वाली समिति जय मां संतोषी में अटैच है उसके संचालक राजू पात्रे ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि, पिछले वर्ष जब गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान के पूर्व संचालक भीम सूर्यवंशी पर कार्रवाई की गई थी तब दुकान को निलंबित कर उसे जय मां संतोषी समिति में अटैच किया गया था, लेकिन इसकी जानकारी श्याम वस्त्रकार द्वारा नहीं दी गई थी, कुछ महीने बाद भीम ने ही भुंडा संचालक राजू पात्रे को जानकारी दी कि गनियारी का दुकान भुंडामें अटैच किया गया है लेकिन विक्रेता समिति का नहीं है और किसी और जगह से बुलाया गया है.. जिसके बाद राजू पात्रे ने खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार से इस संबंध में पूछा भी कि, दुकान अटैच करने की जानकारी उन्हें क्यो नहीं दी गई, और ऐसे आदमी को विक्रेता क्यों बनाया गया जिसे समिति जानता ही नहीं, लेकिन श्याम वस्त्रकार ने पद का प्रभाव दिखाते हुए उन्हें कुछ भी बताने से मना कर दिया, आगे देखते है कि, बात कर राजू पात्रे को घुमा दिया गया.

अब सवाल उठता है कि, समिति को विक्रेता के विषय में पता ही नहीं और गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन बिना जानकारी के समिति कर रही है और विक्रेता अपनी मर्जी से काम कर रहा है तो अगर कोई भ्रष्टाचार या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार कौन होगा, क्योंकि जब कोई गड़बड़ी पकड़ाती है तो जिम्मेदार समिति और विक्रेता दोनों को माना जाता है, नियमों के अनुसार जब किसी दुकान को अटैच किया जाता है तो संबंधित समिति को संग्लनीकरण की सूचना दी जाती हैं और आदेश की कॉपी देकर में समिति से विक्रेता नियुक्ति की पावती दी जाती है ताकि संलग्न शासकीय उचित मूल्य दुकान में वितरण का कार्य किया जा सके, लेकिन गनियारी शासकीय उचित मूल्य दुकान में कहानी खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार द्वारा लिखी गई है, इसलिए उन्होंने अपनी मर्जी से विक्रेता लाकर गनियारी दुकान में बैठा दिया,

कलेक्टर और विधायक के पास पूर्व में भी खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार के खिलाफ भीम सूर्यवंशी और तखतपुर विकासखंड शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक और विक्रेता कल्याण संघ द्वारा वसूली की शिकायत की गई है, जहां भीम सूर्यवंशी द्वारा किए गए शिकायत की जांच अनुविभागीय अधिकारी के पास चल रही है तो वहीं 45 दुकानदारों द्वारा हस्ताक्षर किए हुई शिकायत पर कोई जांच और कार्रवाई नहीं हुई है.. अब एक और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, देखना होगा कि, प्रशासनिक अधिकारी इस मामले को लेकर किस तरह की जांच या कार्रवाई करते है..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!