बिलासपुर– शहर में आज नगर निगम की कार्रवाई पूरे शबाब पर नजर आई.. शहर के चर्चित कुख्यात कबाड़ी संतोष रजक के निर्माण पर कार्रवाई करते हुए कबाड़ के अवैध व्यापार को पूरी तरह धराशाई करने का काम किया.. सुबह से ही निगम का अतिक्रमण अमला सरकंडा स्थित संतोष रजक के दुकान पहुंचा और अवैध निर्माण पर कार्रवाई शुरू कर दी, इस दौरान कुख्यात कबाड़ी ने जोर दिखाने की कोशिश की लेकिन उसकी यह कोशिश ज्यादा देर टिक नहीं पाई, दूसरी ओर बड़ी मात्रा में कबाड़ को नगर निगम द्वारा जप्त कर दूसरी जगह भेजने का काम किया, लेकिन इस दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिला, गाड़ी सीधे सामान को डंप करने के बजाय सिटी कोतवाली क्षेत्र में स्थित गन्नू कबाड़ी के दुकान पहुंची जहां कबाड़ी द्वारा पहले से ही सड़क को जागीर बनाकर रखा गया है, जो कबाड़ जप्त किया गया था उसे सेटिंग करके बीच में ही बेचने की कोशिश की गई, दरअसल कोतवाली चौक से लाला लाजपत राय स्कूल जाने वाली सड़क पर कबाड़ का साम्राज्य चलाने वाले दिनेश ट्रेडर्स मालिक द्वारा सरकारी गाड़ी से आदमी लगाकर कबाड़ उतारना शुरू कर दिया, इतना ही नहीं ड्राइवर और कबाड़ी के बीच 2600 रुपए का सौदा भी हो गया, लेकिन जब मीडिया के कैमरे पर कबाड़ी की नजर पड़ी तो कबाड़ी और ड्राइवर के हाथ पांव फूलने लगे, और ड्राइवर आधा सामान उतारकर आनन फानन में ही सकरी गलियों से भागने लगा..

कुछ दिनों पहले ट्रक में भरे 5 टन चोरी के लोहे के सामान अफरा तफरी करने और हथियार के साथ पकड़ाने वाले कुख्यात कबाड़ी संतोष रजक के अवैध किले को आज नगर निगम के अतिक्रमण अमले ने ढहा दिया, संतोष के साथ 24 कबाड़ियों के ठिकाने पर नगर निगम की कार्रवाई हुई, लेकिन कार्रवाई के बाद भी संतोष कबाड़ी की करतूत में कोई बदलाव नहीं आया, जप्त हुए सामान को ठिकाने लगाने के लिए निगम के कर्मचारियों से सेंटिंग कर कबाड़ को दूसरे कबाड़ियों के ठिकाने में गिरवाने का काम किया, वहीं इस दौरान ड्राइवर और उसके साथियों ने दबाव में कबाड़ को कबाड़ियों को बेचने की बात कहकर मामले को जगजाहिर न करने की मिन्नते मांगते रहे..

दूसरी ओर दिनेश ट्रेडर्स के नाम पर पूरी सड़क को कब्जा कर कबाड़ी का धंधा करने वाला साहू भी धडल्ले से सरकारी वाहनों में भरे जप्ति के सामान को खरीदने का दुस्साहस कर रहा है, जानकारों की माने तो लंबे समय से इस कबाड़ी द्वारा सड़क पर ही सामान बिखराकर कब्जे का अवैध काले कारोबार के साथ अवैध कबाड़ के धंधे को बदस्तूर चला रहा है, ऐसे में पुलिस और नगर निगम के आंखों से गायब रहना नामुमकिन प्रतीत होता है लेकिन कबाड़ी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना सवालिया निशान पैदा करता है..