छत्तीसगढ़

क्या खुद को मालिक और जनता को नौकर समझता है राशन दुकान का कर्मचारी, संचालन समिति का नाम नहीं पता और चावल लेने आई जनता के साथ करने लगा विवाद.. दुकान में अनियमितता का अंबार, विभागीय नोटिस के बाद भी जनता के साथ विवाद का दुस्साहस..

पूर्व में संचालक समिति और विक्रेता को शासकीय उचित मूल्य दुकान में अनियमितता की वजह से नोटिस जारी किया गया है..

बिलासपुर– नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वॉर्ड क्रमांक 3 साईं नगर उस्लापुर अमेरी में स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पर दुकान संचालक और समिति की कारगुजारियां वॉर्ड वासियों का गुस्सा बया कर रहा है, दरअसल प्रशासन का चावल जनता को देने की जिम्मेदारी संभालने वाले शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक अपने आपको चावल दुकान का मालिक समझ बैठे है, दुकान में राशन लेने आने वाले जनता से बदतमीजी करने के साथ साथ हर महीने शक्कर न देने का आरोप वार्ड की जनता द्वारा लगाया जा रहा है इतना ही नहीं बुधवार की सुबह जब जनता अपने हक का राशन लेने पहुंची तो संचालक द्वारा गए बैठाएं कर्मचारी ने जनता को ही पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया, जब विरोध तेज हुआ तो, वार्ड पार्षद के पति और पार्षद प्रतिनिधि राजेंद्र टंडन भी मौके पर पहुंचे जहां जनता और दुकानदार का जमकर विवाद हुआ.. इस दौरान मीडिया भी मौके पर पहुंची, जहां शासकीय उचित मूल्य दुकान एक कमरे में संचालित किया जा रहा है और न तो दुकान के बाहर संचालन समिति की जानकारी अंकित की गई है और न ही जनता को राशन वितरण करने की कोई व्यवस्था बनाई गई है.. दुकान के विक्रेता वसीम खान (बाबा) द्वारा एक कर्मचारी को काम पर रखा गया है जिसे न तो संचालन समिति का नाम पता है और न ही शासकीय उचित मूल्य दुकान के नियम की और वितरण व्यवस्था की जानकारी है इतना ही नहीं कर्मचारी द्वारा राशन लेने आएं गरीब लोगों से हुज्जतबाजी की जाती है, स्थानीय लोगों का आरोप है कि, विक्रेता द्वारा शक्कर को 17 रुपए के दर से नहीं बल्कि 20 रुपए की दर से दी जा रही हैं, बचे हुए पैसे मांगने पर चिल्हर नहीं है बोलकर रख लिया जाता है,

वहीं जब शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक के कर्मचारी से पूछा गया तो पहले तो वह बात करने और जानकारी देने से मना करता रहा फिर स्थानीय लोगों के दबाव के बाद उसने कहा कि वह पिछले 2 महीने से राशन का वितरण करने आ रहा है उसे शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालक वसीम खान (बाबा) द्वारा रखा गया लेकिन मेहनताना कितना देगा यह नहीं बताया है, इतना ही नहीं उस कर्मचारी को दुकान की संचालन समिति की जानकारी भी नहीं है, और वह चावल वितरण के नियमों से भी अनभिज्ञ है,

मामले की जानकारी जब स्थानीय खाद्य निरीक्षक मंगेश कांत से ली गई तो उन्होंने बताया कि, इस दुकान संचालक और समिति को शासकीय उचित मूल्य दुकान में अनियमितता की वजह से नोटिस जारी किया गया है, और जनता की शिकायतों को लेकर जांच की जाएगी, देखने वाली बात होगी कि, इस तरह जनता के साथ बदसलूकी करने और अधिक कीमत (20 रुपए/किलो) पर शक्कर का वितरण करने वाले कर्मचारी और विक्रेता के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और गरीब जनता के साथ बदसलूकी करने वाले और अधिक कीमत पर राशन वितरण कर अपनी जेब भरने वाले शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालक वसीम खान (बाबा) के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाती है,

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